मुंबई के मानखुर्द इलाके से एक दिल दहला देने वाले घटना घटी है। मानखुर्द इलाके में शनिवार रात एक गैर-कानूनी चार मंजिला इमारत अचानक गिरकर पास बने टिन की छत वाले घर पर आ गिरी। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई। पड़ोसियों के मुताबिक, चार बच्चों की मां अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वाजिद अली शाह ने रविवार को घर छोड़ने का फैसला किया था। लगातार बारिश के कारण उस बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं। इसी वजह से दोनों ने रविवार को घर छोड़कर दूसरी जगह जाने की योजना बनाई थी। लेकिन वह समय पर घर खाली नहीं कर पाए। वहीं इस हादसे में अबतक कुल 6 लोगों की मौत हुई है।
एक पड़ोसी ने बताया, "बारिश के कारण लोगों को डर था कि बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है, इसलिए निवासी उसे खाली करने लगे थे। अख्तर जहां भी दूसरी जगह जाने के लिए अपना सामान पैक कर रही थीं, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।" महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
जनता नगर के न्यू मंडला इलाके में भारी बारिश के बीच एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई और उसके मलबे की चपेट में आसपास के कई घर आ गए। बताया जा रहा कि इमारत में रहने वाले लोग पहले ही दरारें, टाइलें गिरने और भवन के झुकने जैसे संकेत देखकर बाहर निकल गए थे, लेकिन पास के मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। मोइनुद्दीन इस हादसे में इसलिए बच गए क्योंकि घटना से कुछ देर पहले ही वह घर से बाहर निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार से कह दिया था कि अगले दिन वे दूसरी जगह रहने चले जाएंगे। लेकिन उससे पहले ही पास की इमारत अचानक उनके घर पर गिर गई, जिससे परिवार के लोग मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के बाद पुलिस ने गिरी हुई इमारत के मालिक और उसके निर्माण से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का आरोप भी शामिल है। जांच एजेंसियां ये पता लगा रही हैं कि इमारत का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था या नहीं और क्या सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई थी। नगर निगम के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि गिरी हुई इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम और अन्य राहत दलों ने पूरी रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने और मृतकों के शव बरामद करने के लिए बचाव अभियान चलाया।