Digital Fraud: 700 से ज्यादा ट्रांजैक्शन... बुजुर्ग को अपने बातों में फंसा 9 करोड़ ले उड़ा ठग, हैरान कर देगा ये मामला

Digital Fraud : बता दें कि फ्रॉड का ये मामला साल 2023 से शुरु हुआ था, जब पीड़ित बुजुर्ग की फेसबुक पर 'शार्वी' नाम की महिला से बातचीत शुरू हुई। महिला ने दावा किया कि वह अपने पति से अलग हो चुकी है और बच्चों के इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत है। इसके बाद बुजुर्ग से धीरे-धीरे बड़ी रकम वसूली गई

अपडेटेड Aug 08, 2025 पर 2:40 PM
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक हैरान कर देन वाली खबर सामने आई है।

Digital Fraud : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक हैरान कर देन वाली खबर सामने आई है। मुंबई के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग के साथ करीब दो साल तक ऑनलाइन ठगी की गई। उनसे 734 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 9 करोड़ रुपये ठगे गए। जांच करने वाली टीम को शक है कि ठगी में शामिल चारों महिलाएं दरअसल एक ही शख्स हो सकता है।

यह धोखाधड़ी अप्रैल 2023 में शुरू हुई, जब पीड़ित बुजुर्ग की फेसबुक पर 'शार्वी' नाम की महिला से बातचीत शुरू हुई। महिला ने दावा किया कि वह अपने पति से अलग हो चुकी है और बच्चों के इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत है। इसके बाद बुजुर्ग से धीरे-धीरे बड़ी रकम वसूली गई।

फेसबुक फ्रेंडशिप से शुरू हुआ था मामला

जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, 'शार्वी' के बाद कविता, दीनाज़ और जैस्मीन नाम की और महिलाएं भी उस 80 साल के बुज़ुर्ग से व्हाट्सएप पर जुड़ीं। उन्होंने अलग-अलग कारणों से उससे पैसे मांगने शुरू किए। ठगी का दायरा तब और बढ़ गया जब दीनाज ने बताया कि शार्वी की मौत हो गई है और उसके इलाज का बिल अभी भी बकाया है। जब बुज़ुर्ग ने पैसे देने से मना किया, तो दीनाज ने आत्महत्या की धमकी दी। जनवरी 2025 तक बुज़ुर्ग अपनी सारी बचत खर्च कर चुके थे और 8.7 करोड़ रुपये दे चुके थे। इसके बाद उन्होंने अपनी बहू और बेटे से पैसे उधार लिए और तब तक पेमेंट करते रहे जब तक उनके बेटे को शक नहीं हुआ और उसने मामले में दखल नहीं दिया।


बुजुर्ग को लगा गहरा सदमा

रिपोर्ट के मुताबिक, जब 80 साल के बुज़ुर्ग को पता चला कि वे ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं, तो उन्हें बहुत गहरा झटका लगा। उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और डॉक्टरों ने उन्हें डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) होने की पुष्टि की। इस साल 22 जुलाई को इस साइबर ठगी की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी और अब इस मामले की जांच जारी है। इसी बीच, दिल्ली में साइबर पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम ज़िले में जोधपुर और बलोतरा से जुड़े एक गिरोह के पाँच कुख्यात साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

कई मोबाइल फोन और फर्जी डॉक्यूमेंट बरामद

दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 महंगे मोबाइल फोन, 12 फर्जी सिम कार्ड, सात म्यूल बैंक अकाउंट, सात डेबिट कार्ड, दो जियो राउटर और तीन संदिग्ध पहचान पत्र बरामद किए हैं। इस ऑपरेशन से इलाके में सक्रिय साइबर ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद की गई जो 12 जून को एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर दर्ज की गई थी। शिकायत में 17 लाख 31 हजार 425 रुपये की ऑनलाइन ठगी की बात कही गई थी।

पुलिस ने लिया ये एक्शन

गुरुग्राम के नूंह जिले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों में चल रही ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल गिरोह को फर्जी सिम कार्ड मुहैया करवा रहा था। पुलिस के अनुसार, मांडीखेड़ा गांव का रहने वाला साहिल हुसैन (30) इस मामले में शामिल था। उसे स्थानीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। राजस्थान के अलग-अलग जिलों से ऑनलाइन ठगी की पांच शिकायतें मिलने के बाद नूंह साइबर पुलिस ने एक मोबाइल नंबर की जांच की, जिससे इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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