Mumbai Rains: मुंबई में मूसलाधार बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत, लेकिन जलभराव के कारण मुश्किलें भी बढ़ीं! अंधेरी सबवे बंद

Mumbai Rains: बुधवार (3 जून) सुबह मुंबई के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन जलभराव के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जलभराव के कारण सुबह 7:40 बजे अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया। हालांकि, पानी का लेवल कम होने के बाद सुबह 8:24 बजे इसे फिर से खोल दिया गया

अपडेटेड Jun 03, 2026 पर 10:38 AM
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Mumbai Rains: मुंबई में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव के कारण अंधेरी सबवे बंद कर दिया गया है

Mumbai Rains: भीषण गर्मी से परेशान मुंबई के लोगों को मूसलाधार बारिश से बड़ी राहत मिली है। बुधवार (3 जून) सुबह मुंबई के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन जलभराव के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जलभराव के कारण सुबह 7:40 बजे अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया। हालांकि, पानी का लेवल कम होने के बाद सुबह 8:24 बजे इसे फिर से खोल दिया गया। सुबह करीब 7 बजे मुंबई के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हुई।

इसी बीच, सोशल मीडिया पर जलभराव से जुड़ी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। मुंबई भर में हो रही बारिश के कई वीडियो माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो गए हैं। इन्हीं में से एक वीडियो में एक अन्य यूजर ने बोरीवली, मीरा भायंदर, दहिसर और आस-पास के अन्य इलाकों में हो रही ज़ोरदार बारिश की झलक दिखाई है। इस पोस्ट में लिखा, "बोरीवली, मीरा भायंदर और दहिसर में ज़ोरदार बारिश। सुबह 7:17 बजे।"

कहां कितनी हुई बारिश


मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच मुंबई के आइलैंड सिटी में 0.96mm, पश्चिमी उपनगरों में 9.84mm और पूर्वी उपनगरों में 1.25mm बारिश दर्ज की गई। वहीं, वर्सोवा में सबसे ज्यादा 69mm बारिश हुई। उसके बाद विले पार्ले (52mm), अंधेरी ईस्ट (49mm), अंधेरी वेस्ट (46mm), विले पार्ले (33mm) और सांताक्रूज़ (30mm) में बारिश हुई। वहीं, चेंबूर में 12mm बारिश दर्ज की गई।

इस साल कितनी होगी बारिश?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार इस साल देशभर में मानसूनी वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि मौसम विभाग के मुताबिक, 2026 में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 92 प्रतिशत (±5 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने बताया कि इस बार कमजोर ला नीना जैसे हालात धीरे-धीरे समाप्त होकर तटस्थ स्थिति में बदल रहे हैं। हालांकि, अल नीनो मानसून के दौरान विकसित होने की संभावना भी जताई गई है, जो बारिश को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा हिंद महासागर फिलहाल न्यूट्रल स्थिति में है। लेकिन मानसून के अंत तक इसके पॉजिटिव होने के संकेत हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में बारिश पर असर पड़ सकता है।

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मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के दौरान उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का विस्तार सामान्य से थोड़ा कम रहा। आमतौर पर यह कारक मानसून बारिश के साथ उलटा संबंध रखता है। यानी कम बर्फ का मतलब मानसून पर नकारात्मक असर हो सकता है।

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