नेपाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पिछले साल हुए 'Gen-Z आंदोलन' के दौरान हुई भीषण हिंसा को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। आयोग ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) की सत्ताधारी पार्टी 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) के 17 मौजूदा सांसदों के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोपों में गंभीर जांच की सिफारिश की है।
