नोएडा की तर्ज पर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा न्यू आगरा, यहां 14 लाख में मिलेगा घर! प्रॉपर्टी को रॉकेट बना देगी YEIDA की ये तैयारी

ऐतिहासिक शहर आगरा में भीड़भाड़ को कम करने और इसके टूरिज्म के साथ इंडस्ट्रियल स्कोप को और मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के किनारे दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं न्यू आगरा और ग्रेटर आगरा विकसित की जा रही हैं।

अपडेटेड Jul 03, 2026 पर 12:36 PM
नोएडा की तर्ज पर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा न्यू आगरा

ऐतिहासिक शहर आगरा में भीड़भाड़ को कम करने और इसके टूरिज्म के साथ इंडस्ट्रियल स्कोप को और मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के किनारे दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं न्यू आगरा और ग्रेटर आगरा विकसित की जा रही हैं। आधुनिक आवासीय कॉलोनियों और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस इन शहरों को लाखों लोगों के रहने के लिए तैयार किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसने वाले इस नए शहर को न्यू आगरा अर्बन सेंटरनाम दिया गया है। यह पूरी टाउनशिप ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच, आगरा जिले की सीमाओं के भीतर वहां विकसित की जाएगी जहां यमुना एक्सप्रेसवे समाप्त होता है।

नोएडा से आधा होगा आकार, 44 गांवों की जमीन चिन्हित

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए आगरा जिले के 44 गांवों में फैली लगभग 14480 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है। इस लिहाज से यह आगामी नया शहर आकार में नोएडा का करीब आधा होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को अपने मास्टर प्लान 2041 के एक मुख्य हिस्से के रूप में इस नए शहर को डिजाइन और विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के फॉर्मूले को अपनाते हुए न्यू आगरा को भी तीन अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा।


14 लाख घर और पर्यावरण अनुकूल उद्योग

इस टाउनशिप में करीब 1.4 मिलियन (14 लाख) लोगों के रहने के लिए नागरिक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। यहां करीब 14 लाख घर बनाने का प्रस्ताव है। इनमें से कुछ घरों की कीमत लगभग 14 लाख रुपये के आसपास होगी। यह पूरा क्षेत्र ताजमहल के पास ताज ट्रेपेजियम जोन में आता है इसलिए योजना प्रक्रिया में पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा गया है। न्यू आगरा इंडस्ट्रियल एरिया में केवल गैर-प्रदूषणकारी और सॉफ्ट उद्योगों जैसे कि इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री चलाने की ही इजाजत मिलेगी।

पर्यटन हब और 10 लाख नौकरियों के अवसर

क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस नए शहर में एक विशाल थीम पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और बजट होटलों के साथ-साथ लग्जरी फाइव-स्टार और सेवन-स्टार प्रॉपर्टीज तैयार की जाएंगी। बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और एक समर्पित टूरिज्म हब की बदौलत इस शहर में करीब 10 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

कनेक्टिविटी का दमदार जाल: नमो भारत और मल्टीमॉडल कार्गो

कनेक्टिविटी को इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत के रूप में पेश किया गया है। न्यू आगरा शहर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर होगा। जेवर एयरपोर्ट को आगरा से जोड़ने के लिए एक नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है। इससे यात्रियों के यात्रा समय में भारी कटौती होगी। माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए टूंडला जंक्शन के पास स्थित फ्रेट कॉरिडोर टर्मिनल को रेल लिंक के जरिए न्यू आगरा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यहां एक इंटीग्रेटेड रेल-रोड-एयर फ्रेट सुविधा विकसित की जाएगी। इसे मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल कहा गया है।

ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट पर भी काम तेज, 29 जून से बुकिंग

न्यू आगरा के साथ-साथ आगरा विकास प्राधिकरण आगरा शहर के भीतर ही रायपुर और रहनकलां में 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा नाम से एक अलग टाउनशिप क्लस्टर डेवलप कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत 10 छोटी टाउनशिप स्थापित की जा रही हैं। इनमें गंगापुरम और यमुनापुरम जैसी टाउनशिप शामिल हैं। इस परियोजना में करीब 30000 परिवारों को आवासीय प्लॉट मिलेंगे।

आगरा विकास प्राधिकरण के अनुसार ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉट्स के लिए बुकिंग 29 जुलाई तक जारी रहेगी। इसके लिए जनहित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ग्रेटर आगरा को शहर के इनर रिंग रोड के साथ रहनकलां और रायपुर महुआ खेड़ा गांवों के पास बनाया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ एक्सप्रेसवे दोनों के एंट्री पॉइंट्स के करीब होने के कारण यहां से दिल्ली, नोएडा और लखनऊ की यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

देश की पहली अंडरग्राउंड केबलिंग और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

ग्रेटर आगरा को एक स्मार्ट सिटी डिजाइन के तहत 10 सेक्टरों में बांटा गया है। यह आगरा का पहला ऐसा क्षेत्र होगा जहां अंडरग्राउंड केबलिंग के साथ-साथ 24 घंटे पावर और वॉटर बैकअप मिलेगा। टाउनशिप के भीतर मुख्य सड़कें 45 से 60 मीटर चौड़ी होंगी। अंदर की सड़कें कम से कम 9 से 12 मीटर की होंगी। ग्रेटर आगरा में एक वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स एकेडमी, एक बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, इंटरनेशनल स्कूल और यूनिवर्सिटी कैंपस भी होंगे। शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉर्पोरेट ऑफिस और फाइव-स्टार होटलों के लिए बड़े कमर्शियल प्लॉट रखे गए हैं। सस्टेनेबल प्लानिंग के तहत टाउनशिप के कुल क्षेत्र का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा पार्कों और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित किया गया है।

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