UP New Minimum Wage Rate: उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के तहत राज्यभर में नई न्यूनतम मजदूरी दरों को कानूनी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय पर राज्यपाल ने अपनी मुहर लगाकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बता दें कि नोएडा प्रकरण के बाद सरकार को ये हस्तक्षेप करना पड़ा है। जिसके चलते, तीन श्रेणियों में नई मजदूरी दरें लागू की गई हैं।
उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतरिम राहत लागू की गई। गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद प्रथम श्रेणी में और अन्य जिलों को दो वर्गों में विभाजित किया गया है।
प्रथम श्रेणी में दो जिले क्यों?
फैसले के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। इसमें महंगाई भत्ते के साथ वेतन का निर्धारण किया जाएगा। सरकार के इस कदम को श्रमिकों की मांग और उद्योगों की स्थिति के बीच संतुलन बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्रथम श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को रखा गया, जहां जीवन-यापन की लागत अपेक्षाकृत अधिक है। यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय की गई है।
द्वितीय श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को शामिल किया गया है, जहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
तृतीय श्रेणी में शेष जिलों को रखा गया है, जहां मजदूरी दरें क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये तय की गई हैं। इन सभी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) शामिल है।