Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्याकांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच के मुताबिक, फरवरी में केतन के साथ सगाई से कुछ समय पहले सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी एक ग्रुप के साथ उदयपुर गए थे। पुलिस का मानना है कि यात्रा के दौरान दोनों ने जो समय साथ बिताया, उससे बाद की घटनाओं को समझने में मदद मिल सकती है। अधिकारी यात्रा की जानकारी, डिजिटल सबूत और जांच के दौरान इकट्ठा किए गए अन्य फोरेंसिक मटीरियल की जांच कर रहे हैं।
पुलिस फिलहाल केतन अग्रवाल की हत्या से जुड़ी घटनाओं की जांच कर रही है। अब राजस्थान के उदयपुर की एक यात्रा भी जांच के दायरे में है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस यात्रा से दोनों आरोपियों, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के रिश्ते के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। इस बीच, केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार को लोहागढ़ किले लेकर गई जहां पुतले का इस्तेमाल कर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया गया।
सिया कभी केतन से शादी नहीं करना चाहती थी
महाराष्ट्र के एक अमीर कारोबारी के बेटे केतन और सिया का रिश्ता सबके सामने खुशहाल दिखता था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साथ में ली गई तस्वीरें, वीडियो और रील्स भरी पड़ी थीं। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि सिया की शादी करने की कोई मंशा नहीं थी। NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिया ने पुलिस को बताया कि वह कभी केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।
सिया ने चेतन को 1 करोड़ रुपये दिए
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सिया ने शॉपिंग के बहाने केतन से 1 करोड़ रुपये लिए। बाद में वह पैसे चेतन को दे दिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चेतन को यह पैसा अपना बिजनेस और करियर शुरू करने के लिए चाहिए था। कथित योजना यह थी कि अगले तीन सालों में आर्थिक रूप से स्थिर होने के बाद, वह सिया के परिवार के पास शादी का प्रस्ताव लेकर जाएगा।
पुलिस का दावा है कि केतन की हत्या 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में की गई थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि सिया ने केतन को किले में जाने के लिए मनाया। जबकि चेतन अलग से गया ताकि किसी का ध्यान न जाए। एक सुनसान जगह पर सिया ने कथित तौर पर चेतन को इशारा किया। इसके बाद उसने केतन को एक गहरी खाई में धकेल दिया।
सिया और चेतन ने हत्याकांड के सबूत न छोड़ने के लिए भी कदम उठाए। आरोप है कि किले के लिए निकलने से पहले उसने अपना मोबाइल फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था। यात्रा के दौरान जरूरी बातचीत के लिए एक कर्मचारी का फोन इस्तेमाल किया। साथ ही अपनी पहचान छिपाने के लिए हुड वाली जैकेट पहनी थी।
शुरुआत में इस घटना को गलती से गिरने का मामला माना जा रहा था। हालांकि, पुलिस ने बताया कि केतन की मौत के बाद सिया के बर्ताव को देखकर उसके परिवार को उस कहानी पर शक होने लगा। 21 जून को केतन के पिता और परिवार के दूसरे लोग उस जगह पर गए। उन्हें लगा कि वहां की जमीन को देखते हुए गलती से फिसलने की संभावना बहुत कम थी। उनके शक की वजह से मामले की और गहराई से जांच हुई। इसमें आखिरकार कथित हत्या की साजिश का पता चला।