दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना पर काम तेज हो गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाने के लिए एक बड़े अंडरग्राउंड ट्रांसपोर्ट रूट के प्लान पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत दोनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए टनल-बेस्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
अगर यह प्लान पास हो जाता है, तो यात्रियों को दिल्ली-NCR के भारी ट्रैफिक से काफी राहत मिलेगी। फिलहाल, यह योजना शुरुआती अध्ययन चरण में है, लेकिन इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक बिना ट्रैफिक पहुंचेगी गाड़ियां!
केंद्र सरकार कर रही इस योजना पर काम
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया है कि राजधानी क्षेत्र के प्रमुख इलाकों और परिवहन केंद्रों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित टनल नेटवर्क पर शुरुआती अध्ययन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि तालकटोरा स्टेडियम से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई एयरपोर्ट) और गुरुग्राम तक टनल रोड बनाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद अगले चरण में तालकटोरा स्टेडियम से सराय काले खां तक टनल बनाने की योजना का भी आकलन किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में तालकटोरा स्टेडियम से आईजीआई एयरपोर्ट होते हुए गुरुग्राम तक टनल के संभावित मार्ग और उसकी व्यवहार्यता की जांच की जा रही है। दूसरे चरण में इस टनल नेटवर्क को सराय काले खां तक बढ़ाने की संभावना पर अध्ययन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के बीच यातायात बेहतर होगा और लोगों का सफर अधिक तेज व सुविधाजनक बन सकेगा।
दिल्ली को होगा ये बड़ा फायदा
योजना के अनुसार, सराय काले खां में यह प्रस्तावित टनल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ सकती है। इससे एक बड़ा परिवहन कॉरिडोर तैयार होगा, जो आगे चलकर चंदावली-जेवर मार्ग के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यदि यह परियोजना लागू होती है, तो भूमिगत मार्ग पर कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सके।
अधिकारियों के अनुसार, एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से एक तालकटोरा स्टेडियम के पास प्रस्तावित है। इससे करोल बाग, पटेल नगर, राजेंद्र प्लेस और कनॉट प्लेस जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिल सकती है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होगा और लोगों को यातायात जाम से भी काफी राहत मिलेगी।
अधिकारियों का मानना है कि तालकटोरा स्टेडियम के पास प्रस्तावित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट भविष्य में एक बड़े शहरी परिवहन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे राजधानी के मध्य क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना अभी केवल शुरुआती विचार और अध्ययन के स्तर पर है। फिलहाल इसके लिए कोई औपचारिक योजना तैयार नहीं की गई है और काम केवल संभावनाओं की जांच तक सीमित है।