Nitin Gadkari VIDEO: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह भविष्य में ऐसी बस लाने जा रहे हैं, जो हवा में उड़ेगी। जी हां, उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक परिवहन तकनीकों को अपनाना जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे वह पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, वैसे ही जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे। नितिन गडकरी ने कहा, "अब मैं ऐसी बस लाने जा रहा हूं जो हवा में उड़ती हुई चलेगी।" उनका यह बयान भविष्य की एरियल पब्लिक ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी की ओर इशारा माना जा रहा है। उनका इशारा रोपवे आधारित सार्वजनिक परिवहन, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल मोबिलिटी सिस्टम जैसी परियोजनाओं की ओर माना जा रहा है, जिन पर केंद्र सरकार लंबे समय से काम कर रही है।
ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत
केंद्रीय मंत्री लंबे समय से देश में रोपवे, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि जमीन के ऊपर चलने वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम कम होगा। साथ ही यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण पर भी कंट्रोल पाया जा सकेगा।
गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को सस्ता, सुरक्षित, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके लिए नई तकनीकों पर लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने जिस 'हवा में उड़ने वाली बस' का जिक्र किया, उसके बारे में अभी कोई डिटेल्स प्लान, प्रोजेक्ट या लॉन्च की तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल इसे भविष्य की आधुनिक परिवहन सिस्टम के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है उड़ने वाली बस का मतलब?
गडकरी ने पहले भी कई बार कहा है कि भारत के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए जमीन के ऊपर चलने वाली आधुनिक परिवहन सिस्टम विकसित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:-
एरियल इलेक्ट्रिक ट्रांजिट
केबल-कार आधारित शहरी परिवहन
इन सिस्टम में वाहन सड़क पर नहीं बल्कि ऊंचे ट्रैक, केबल या सस्पेंडेड सिस्टम पर चलते हैं। इससे ऐसा लगता है मानो बस हवा में उड़ रही हो।
किन शहरों में हो सकता है प्रयोग?
परिवहन मंत्रालय पहले से कई शहरों में वैकल्पिक एरियल ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाएं तलाश रहा है। इनमें शामिल हो सकते हैं: नागपुर, वाराणसी, मुंबई, दिल्ली और देहरादून।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
नितिन गडकरी अक्सर नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए चर्चित बयान देते रहे हैं। वे इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन ईंधन, फ्लेक्स-फ्यूल, रोपवे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं के बड़े समर्थक माने जाते हैं। हालांकि, उन्होंने जिस 'हवा में उड़ने वाली बस' की बात कही, उसके लिए अभी कोई विस्तृत सरकारी परियोजना या लॉन्चिंग डेट घोषित नहीं की गई है।