Noida: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक CRPF कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर अपनी ही 10 वर्षीय रिश्तेदार को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। बच्ची की हालत इतनी नाजुक है कि वह फिलहाल सेक्टर-128 स्थित मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। इस मामले के सामने आने के बाद आरोपी जवान को सस्पेंड कर दिया गया है।
हैवानियत की हदें पार, मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
15 जनवरी को जब बच्ची को सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, तो उसकी स्थिति देख डॉक्टर भी दंग रह गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची का हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर मात्र 1.9 रह गया था। उसकी पसलियां टूटी हुई थीं और हाथ-पैरों के नाखून तक उखड़े हुए थे। आरोप है कि उसे लंबे समय तक भूखा रखा गया और घरेलू नौकर के रूप में काम कराने के साथ-साथ बेरहमी से पीटा गया।
पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है। CRPF अधिकारियों द्वारा दो बार शिकायत किए जाने के बावजूद, पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद यानी 18 जनवरी को मामला दर्ज किया। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद, इकोटेक-3 थाना पुलिस ने केवल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (हत्या के प्रयास से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में पॉक्सो, बाल श्रम निषेध अधिनियम और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट जैसी कड़ी धाराएं लगनी चाहिए थीं, जिन्हें फिलहाल शामिल नहीं किया गया है।