Noida: नोएडा में 70 फीट गहरे गड्ढे में गिरी कार, मदद के लिए घंटों चिल्लाता रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर; रेस्क्यू में देरी ने ली जान

Noida Engineer Car Accident: कार डूबने लगी तो युवराज किसी तरह बाहर निकले और कार की छत पर खड़े हो गए। उन्होंने अपने फोन की टॉर्च जलाई और अपने पिता को फोन कर लोकेशन बताने की कोशिश की। युवराज के पिता और पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए थे। उन्हें युवराज की चीखें सुनाई दे रही थीं, लेकिन घने कोहरे के कारण वे यह नहीं देख पा रहे थे कि वह गड्ढे में किस जगह फंसे हैं

अपडेटेड Jan 18, 2026 पर 4:05 PM
Story continues below Advertisement
घने कोहरे और स्ट्रीटलाइट न होने के कारण उन्हें मोड़ का अंदाजा नहीं लगा और उनकी कार बैरिकेडिंग तोड़ते हुए एक कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी

Noida Accident: नोएडा के सेक्टर 150 में शुक्रवार आधी रात को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की अपनी एसयूवी के साथ 70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। गुड़गांव की एक कंपनी में काम करने वाले युवराज काम से घर लौट रहे थे। घने कोहरे और स्ट्रीटलाइट न होने के कारण उन्हें मोड़ का अंदाजा नहीं लगा और उनकी कार बैरिकेडिंग तोड़ते हुए एक कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी। युवराज तैरना नहीं जानते थे, फिर भी उन्होंने अंत तक बचने की कोशिश की। हालांकि, अंत में कोई मदद नहीं मिलने की वजह से उन्होंने दम तोड़ दिया।

जीवन के लिए आखिरी समय तक संघर्ष करते रहे युवराज

कार डूबने लगी तो युवराज किसी तरह बाहर निकले और कार की छत पर खड़े हो गए। उन्होंने अपने फोन की टॉर्च जलाई और अपने पिता को फोन कर लोकेशन बताने की कोशिश की। युवराज के पिता और पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए थे। उन्हें युवराज की चीखें सुनाई दे रही थीं, लेकिन घने कोहरे के कारण वे यह नहीं देख पा रहे थे कि वह गड्ढे में किस जगह फंसे हैं। एक राहगीर मोनिंदर ने कड़ाके की ठंड में पानी में छलांग भी लगाई, लेकिन वह युवराज तक नहीं पहुंच सका। युवराज के दोस्त का आरोप है कि बचाव करने आई पुलिस टीम को तैरना नहीं आ रहा था, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया।


रेस्क्यू में देरी ने ली इंजीनियर की जान

सबसे पहले पहुंची SDRF की टीम के पास जरूरी उपकरण नहीं थे। इसके बाद गाजियाबाद से NDRF की टीम को बुलाया गया, जिसे पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। हालांकि, रात करीब 1:45 बजे युवराज की मदद के लिए पुकारती आवाजें शांत हो गईं। एनडीआरएफ की टीम ने तड़के 4:30 बजे उनका शव पानी से बाहर निकाला।स्थानीय लोगों ने अधूरी सुरक्षा दीवार, अंधेरी सड़कों और खुले छोड़े गए गहरे गड्ढों को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।