पाकिस्तान की ओर से 3 दिनों तक किए गए तीव्र हमलों के बाद शनिवार को अमेरिका की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम घोषित किया गया। लेकिन इस घोषणा के कुछ ही घंटों के अंदर इस्लामाबाद ने सीजफायर का उल्लंघन किया और फिर से गोलीबारी की। कई सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम्स ने कई ड्रोन हमलों को रोका।
ड्रोन हमला इतना बड़ा था कि विदेश मंत्रालय को देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी, जिसमें मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन की स्पष्ट रूप से निंदा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए आज शाम एक सहमति बनी। पिछले कुछ घंटों से पाकिस्तान की ओर से इस सहमति का उल्लंघन किया जा रहा है।"
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पिछले चार दिनों में लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, सटीक हथियारों, कामिकेज ड्रोनों और तोपों के साथ भारत की पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिक्रिया तेजी से बढ़ी। भारत ने पाकिस्तान में कई आतंकी स्थलों, वायुसैन्य ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए। इसकी वजह रही कि पाकिस्तान ड्रोन और मिसाइलों के जरिए भारतीय राज्यों में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाना की कोशिश कर रहा था।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए बर्बर आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद भारत की पहली सशस्त्र प्रतिक्रिया 6-7 मई की रात को हुई। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया।
इसके बाद पाकिस्तान ने 7 मई की रात में 12 बजे से पहले और 12 बजे के बाद भारत के उत्तर और पश्चिम में कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। जवाबी एक्शन के तहत भारत ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर वहां के एयर डिफेंस को निशाना बनाया। लाहौर और कराची की हवाई सुरक्षा जवाबी हमले में नष्ट हो गई।
8-9 मई की मध्य रात्रि को इस्लामाबाद ने भारत के उत्तर में लेह, जम्मू और बठिंडा से लेकर पश्चिम में सर क्रीक तक 36 स्थानों पर 300-400 तुर्की मूल के अस्सिगार्ड सोंगार सशस्त्र ड्रोनों से हमले किए। भारतीय सेना ने इन ड्रोनों को मार गिराया, जिससे नुकसान काफी कम हुआ। इसके बाद 9-10 मई की रात को पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 26 स्थानों पर ड्रोन हमले किए और भारतीय सेना ने ड्रोन रोधी हथियारों सहित अपनी वायु रक्षा प्रणालियों से खतरों को बेअसर कर दिया।
कई तरह के एयर डिफेंस सिस्टम्स का हुआ इस्तेमाल
पिछले चार दिनों के दौरान, भारतीय सेना ने पाकिस्तान से हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए विभिन्न प्रकार की वायु रक्षा प्रणालियों को डिप्लॉय किया। इनमें रूस की S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली, देश में बनीं सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइलें, बराक 8 वायु रक्षा प्रणाली, विभिन्न प्रकार की एंट्री ड्रोन प्रणालियां और अन्य जवाबी उपाय शामिल हैं। देश की ओर बढ़ने वाले खतरों का रडार, और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम्स के इंटीग्रेटेड नेटवर्क द्वारा पता लगाने और ट्रैक करने के बाद तुरंत मुकाबला किया गया।
पाकिस्तान में नुकसान की सीमा
चार दिनों तक चली लगातार लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई भारतीय क्षेत्रों में उसके हमलों को विफल कर दिया। शनिवार शाम को कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक विशेष ब्रीफिंग को संबोधित किया और इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया है, उसके मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है, चाहे वे स्ट्रेटेजिक एसेट्स हों या एयर एसेट्स। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा, "इतना ही नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों- स्कार्दू, जैकोबाबाद, सरगोधा और बुलारिका को भी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली और रडार प्रणाली को भी हवाई क्षेत्र में अस्थिर बना दिया गया।" भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, रसद सुविधाओं, उसके सैन्य कर्मियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना व्यापक नुकसान पहुंचाया कि उसकी रक्षात्मक क्षमताएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस्लामाबाद को सबसे बुरा झटका 10 मई की सुबह लगा, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 8 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इनमें हवाई अड्डे, रडार इकाइयां और गोला-बारूद के भंडार शामिल थे।