पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में छिपे आंतकियों को भारतीय सेना ने खून के आंसू रुलाए। भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेश सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस एयर स्ट्राइक की जिसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों के सहित 100 आतंकियों की मौत हुई। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को पलटवार करने की कोशिश की तो उसे फिर भारतीय सेना ने धूल चटाई। भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल और ड्रोन की मदद से पाकिस्तान के 11 एयरबेस सहित 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। भारत की जवाबी कार्रवाई में सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान के वायुसेना को हुआ है।
पाकिस्तानी वायुसेना को भारी नुकसान
जानकारी के मुकताबिक 10 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान के 11 एयरबेसों पर किए गए हमले में उसकी वायुसेना की करीब 20% संपत्ति नष्ट हो गई और 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक स्क्वाड्रन लीडर भी शामिल था। इस हमले में सरगोधा और भोलारी जैसे अहम एयरबेस और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया, जहां F-16 और JF-17 जैसे लड़ाकू विमान तैनात थे। खास तौर पर भोलारी एयरबेस पर हुई बमबारी में स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ और चार अन्य वायुसैनिकों समेत कई लोग मारे गए।
पाकिस्तान के कई लड़ाकू जेट भी तबाह
भारत का कहना है कि इस हमले में पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमान भी तबाह कर दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, 9-10 मई को भारत ऐसा पहला देश बना जिसने एक ही ऑपरेशन में परमाणु हथियार रखने वाले देश के 11 एयरबेस पर हमला किया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान की वायुसेना की लगभग 20% संपत्ति नष्ट हो गई। खासतौर पर भोलारी एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा, जहां स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ की मौत हुई और कई प्रमुख लड़ाकू विमान तबाह हो गए।
मारे गए 100 से ज्यादा आतंकी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही बता चुके हैं कि 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। इसके बाद 10 मई को भारत ने सिर्फ तीन घंटे के अंदर पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनियन, सरगोधा, स्कार्दू, भोलारी और जैकबाबाद शामिल थे। खासतौर पर जैकबाबाद और भोलारी एयरबेस पर हुए हमलों से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों से तबाही का साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि 9-10 मई 2025 की रात भारत का किया गया जवाबी हमला एक ऐतिहासिक कदम था, क्योंकि यह पहली बार हुआ जब किसी देश ने परमाणु हथियार रखने वाले देश के एयरबेस पर सफल हमला किया। सूत्रों के मुताबिक, यह हमला इसलिए कामयाब हो पाया क्योंकि भारत ने पहले ही पाकिस्तान की वायु सुरक्षा को कमजोर करने के लिए लाहौर की एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया और कामिकेज़ ड्रोन का इस्तेमाल कर उसकी वायु रक्षा क्षमताओं को बेअसर कर दिया।