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Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का बदला, पाकिस्तान पर पीएम मोदी का चौतरफा वार

पीएम मोदी ने देश की जनता की उम्मीदों को नहीं टूटने दिया है जिसने पहलगाम की बर्बर आतंकी घटना के बाद सीधा पाकिस्तान से दो-दो हाथ करने की तैयारी कर ली थी। और एक सही जननेता की पहचान ही यही है कि वो फ्रंट से लीड करे और देश की अकांक्षाओं को बिना की क्षति के पूरा करे

Amitabh Sinhaअपडेटेड May 07, 2025 पर 1:03 PM
Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का बदला, पाकिस्तान पर पीएम मोदी का चौतरफा वार
सबसे बड़ी बात है कि पीएम मोदी ने देश की जनता की उम्मीदों को नहीं टूटने दिया है

उड़ी के बाद जबाव देने में भारत को 11 दिन लगे और पुलवामा के बाद बदला लेने मे 12 दिन लगे और अब पहलगाम हमले का जवाब पाकिस्तान को 14 दिनों के बाद मिला। ऐसा नहीं है भारत आनन-फानन में पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब दे सकता था। बल्कि ये पीएम मोदी की राजनीति और कुटनीति का कमाल था कि हमला भी हो गया, दुनिया भर के देशों का समर्थन भी मिल गया और पाकिस्तान को भी मानना पड़ा कि हमला हुआ है और उसे नुकसान भी उठाना पड़ा है। कुल 9 स्थानों पर सफल हमले हुए। जल, थल, वायु सेनाओं ने एक साथ तालमेल बिठा कर जो हल्ला बोला उससे पाकिस्तान की तो मानों चीख ही निकल पड़ी है।

पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की कमान खुद संभाली थी। इसके लिए CCS की दो बैठकें, सेनाध्यक्षों के साथ भी कई बैठकें हुई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ भी कई दौर की बातचीत के बाद ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया। हर बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी पूरी रात जागते रहे जब तक ये ऑपरेशन पूरा नहीं हो गया। खास बात ये भी है कि इन दो हफ्तो में पीएम मोदी के चेहरे पर ऐसी कोई शिकन दिखाई नहीं दी जिससे लगे कि इतनी बड़ी मुहिम को अंजाम देना बाकी है। वो रोजमर्रा की बैठके करते रहे और विकास के कामों को देश को समर्पित करते रहे। लेकिन देश की जनता को ये संदेश जरूर देते रहे कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

एक झटके में पलटवार करने के बजाए पीएम मोदी ने ऐसी रणनीति बनाई कि पाकिस्तान अपने ही बोझ से गिर जाए। सबसे पहले तो इंडस वाटर संधि को रद्द किया जिससे पाकिस्तान पस्त हुआ। फिर पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द किया जिन्हें वापस जाने की समय सीमा रख दी गयी। हाई कमीशन से लोगों को वापस बुलाया गया। भारत की हवाई सीमा पाकिस्तान के लिए बंद कर दी गयी। भारत सरकार ने पाकिस्तान से तमाम आयात और निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया।

पहले से ही आर्थिक समस्याओं से जुझ रहे पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान तो उठाना पड़ा ही है। लेकिन पानी की चिंता ने उन्हें मंथन करने पर मजबूर जरूर कर दिया है। इसके बाद मॉक ड्रील की तैयारी में पूरे देश में ऐसी तैयारी शुरू कर दी कि पाकिस्तान को यकीन हो गया कि भारत फिलहाल हमला नहीं कर रहा है। और यहीं पर वो एक बार फिर मात खा गया।

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