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पेट्रोल डीजल के दामों में लगी आग तो सड़कों पर उतर गए पाकिस्तानी और IMF को लगे कोसने

पेट्रोलियम लेवी ईंधन पर सरकार की ओर से लगाया जाने वाला एक शुल्क है। इसे पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों पर वसूला जाता है। इससे सरकार को राजस्व मिलता है। पाकिस्तान में यह लेवी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है, क्योंकि इसे पहले से महंगे ईंधन के ऊपर लगाया गया है। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने सरकार से पेट्रोलियम लेवी हटाने की मांग की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2026 पर 9:42 PM
पेट्रोल डीजल के दामों में लगी आग तो सड़कों पर उतर गए पाकिस्तानी और IMF को लगे कोसने
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर बढ़ा संकट

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ईंधन के महंगे होने, नई पेट्रोलियम लेवी और बढ़ती महंगाई के विरोध में माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों ने देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार से शुरू हुई इस हड़ताल का असर देश में सामान की आवाजाही पर पड़ सकता है। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के साथ बातचीत में अपनी मांगें पूरी नहीं होने के बाद ट्रक चालक, ट्रेलर ऑपरेटर और तेल टैंकर कंपनियां भी हड़ताल में शामिल हो गई हैं।

ट्रांसपोर्टरों के इस कदम से बाजारों तक सामान पहुंचाने में परेशानी बढ़ सकती है। इसका असर जरूरी सामान की सप्लाई पर भी पड़ने की आशंका है। यह हड़ताल ऐसे समय में शुरू हुई है, जब जमात-ए-इस्लामी ने पेट्रोलियम लेवी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों और कारोबार पर पड़ने को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्टरों ने क्यों शुरू की हड़ताल?

पाकिस्तान के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि गाड़ियों को चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में माल ढोने वाली गाड़ियां चलाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। ट्रांसपोर्टर सरकार से डीजल की कीमत कम करने, मोटरवे टोल घटाने और विदहोल्डिंग टैक्स में राहत देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, ट्रांसपोर्टर चाहते हैं कि पूरे पाकिस्तान में एक्सल-लोड के नियम एक जैसे लागू किए जाएं। उनकी मांग है कि 10 पहियों वाले ट्रकों को 35 टन तक सामान ले जाने की अनुमति दी जाए।

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