Pakistan Spy: कौन है पाकिस्तानी जासूस सुमित कुमार? ISI को गोपनीय जानकारी भेजने के आरोप में IAF का कर्मचारी गिरफ्तार

Pakistani Spy Arrested: असम के भारतीय वायुसेना स्टेशन पर तैनात मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) सुमित कुमार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान इंटेलिजेंस का दावा है कि सुमित साल 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था। वह एयरफोर्स स्टेशन की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 3:51 PM
Story continues below Advertisement
Pakistani Spy Arrested: सुमित कुमार उत्तर प्रदेश में प्रयागराज का रहने वाला है

Pakistani Spy Arrested: एक बड़े ऑपरेशन में राजस्थान पुलिस ने असम के चाबुआ वायु सेना स्टेशन पर एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। उस पर कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप है। आरोपी पर वायु सेना की संवेदनशील खुफिया जानकारी अपने हैंडलर्स तक पहुंचाने का आरोप है। वायुसेना और राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने असम के वायुसेना अड्डे पर तैनात कर्मचारी को रविवार (22 मार्च) को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान 36 वर्षीय सुमित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के लाहुरपार का निवासी है। वह एयरफोर्स स्टेशन में MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया विभाग) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, सुमित कुमार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा करता था और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाता था। जांच में सामने आया है कि वह वर्ष 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। वह पैसों के बदले गोपनीय सूचनाएं साझा कर रहा था।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में राजस्थान के जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उससे पूछताछ के दौरान सुमित कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने वायुसेना खुफिया विभाग, नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से हिरासत में लिया।


पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने न केवल छबुआ एयरफोर्स स्टेशन बल्कि बीकानेर जिले के नाल एयरफोर्स स्टेशन सहित अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय सूचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, वह अपने मोबाइल नंबरों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी मदद करता था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को राजस्थान खुफिया विभाग और वायु सेना खुफिया विभाग के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था और पैसों के बदले गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था। पुलिस ने इस संबंध में गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

ये भी पढ़ें- Bengaluru Job Scam: कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 करोड़ की धोखाधड़ी, CCB ने आरोपी दंपति को किया गिरफ्तार

व्यापक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में व्यापक जासूसी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच एजेंसियां लगातार छानबीन कर रही हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।