Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। यह सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 19 दिनों की अवधि में 15 बैठकें निर्धारित की गई हैं। सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने भाग लिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक को 'बहुत अच्छा और प्रोडक्टिव' बताया था और सभी दलों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने और सहयोग करने का आग्रह किया।
क्या-क्या है सरकार के एजेंडे में?
सरकार इस सत्र के दौरान कई प्रमुख विधेयक और सुधारों को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने 13 विधेयकों के लिए समय आवंटित किया है। BAC दोनों सदनों में विधेयकों और अन्य विधायी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए समय आवंटित करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। सत्र के मुख्य विधेयक और आर्थिक सुधार:
परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025: इस विधेयक का उद्देश्य नागरिक परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना है, जो भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार की ओर इशारा करता है।
शिक्षा और कॉर्पोरेट सुधार: उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025 (Higher Education Commission of India Bill)।
कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025।
प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025।
वित्तीय और कराधान: केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 (तम्बाकू उत्पादों पर GST उपकर की जगह नया शुल्क)।
स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 (पान मसाला जैसे उत्पादों पर उपकर)।
अनुदान की अनुपूरक मांगें और संबंधित विनियोग विधेयक।
अन्य महत्वपूर्ण विधेयक: जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025; दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025; और राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025।
सरकार ने 'वंदे मातरम' मुद्दे पर 10 घंटे की बहस का प्रस्ताव भी रखा है, जिस पर अध्यक्ष की मंजूरी बाकी है।
विपक्ष उठाएगा SIR का मुद्दा
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी रोल का विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR), राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरणीय मुद्दे उनके एजेंडे के केंद्र में होंगे। TMC पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के लिए जवाबदेही की मांग करेगी। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया से BLO और नागरिकों पर अत्यधिक दबाव पड़ा है, जिसके कारण चार BLO सहित 41 मौतें हुई हैं। TMC प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और संसदीय चर्चा की मांग करेगी। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी SIR के दौरान BLO पर पड़ने वाले दबाव और मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए इस प्रक्रिया को 'अमानवीय और असंवेदनशील' बताया है।
कांग्रेस दिल्ली में 10 नवंबर के ब्लास्ट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को उठाएगी। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान तनाव पर बयानों, चीन के साथ अनसुलझे सीमा विवादों और व्यापार समझौतों जैसे विदेश नीति के मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की जाएगी।
निजी सदस्यों के विधेयक: निजी सदस्यों के विधेयकों को 5 और 19 दिसंबर को लिया जाएगा, जबकि निजी सदस्यों के संकल्पों पर 12 दिसंबर को चर्चा होगी।