Pawan Khera: सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को बड़ा झटका! अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना HC के आदेश पर लगाई रोक, अब गिरफ्तारी की आशंका

Pawan Khera News: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (15 अप्रैल) को असम में दर्ज एक मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने अग्रिम जमानत देने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 12:16 PM
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Pawan Khera News: असम सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है

Pawan Khera News: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बहुत ही बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (15 अप्रैल) को असम में दर्ज एक मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने एक सप्ताह की अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है। असम सरकार की याचिका पर शीर्ष अदालत ने तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है।

पवन खेड़ा की तरफ से तेलंगाना हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर करने पर असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, "यह प्रक्रिया का पूर्ण दुरुपयोग है।" हालांकि, बेंच ने यह भी कहा कि अगर पवन खेड़ा असम में अग्रिम बेल के लिए अर्जी देना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश इसमें कोई रुकावट नहीं बनेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "नोटिस जारी किया जाए। इस बीच, विवादित आदेश पर रोक लगाई जाए। अगर याचिकाकर्ता असम में अधिकार क्षेत्र वाले कोर्ट में अग्रिम बेल के लिए अर्जी देता है। ऐसी अर्जी पर फैसला करते समय, आज पारित आदेश का कोई असर नहीं होगा। नोटिस जारी किया जाए। तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया है।"


मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने के लिए पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामले में अस्थाई अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को असम सरकार ने चुनौती दी है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को कुछ शर्तों के साथ खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी। साथ ही उन्हें संबंधित अदालत के समक्ष आवेदन दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

असम सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ वकील शुभोदीप रॉय के माध्यम से रविवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। खेड़ा ने पांच अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि हिमंता की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनकी जानकारी असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं की दी गई है।

सीएम और उनकी पत्नी ने खेड़ा के आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया था। इन आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (bns) की धारा 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35 (शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार) और 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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पवन खेड़ा ने मामले में अग्रिम जमानत के लिए सात अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपना आवासीय पता हैदराबाद में दिखाया था। खेड़ा ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया था कि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाए।

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