मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हाई लेवल मीटिंग कर रहे हैं। इस मीटिंग में सरकार के सीनियर मंत्री मौजूद हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पेट्रोलियम, कच्चे तेल, ऊर्जा और उर्वरक क्षेत्रों में देश की स्थिति पर समीक्षा होगी। प्रधानमंत्री आवास पर हाई लेवल बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई अन्य मंत्री मौजूद हैं।
पीएम मोदी कर रहे हैं हाई लेवल मीटिंग
बैठक का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि देशभर में इन जरूरी चीजों की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे, लॉजिस्टिक्स मजबूत बने रहें और लोगों तक समय पर सही तरीके से पहुंच सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश में जरूरी संसाधनों की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा स्टॉक कितना है, आयात पर कितनी निर्भरता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्या तैयारी की गई है। वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश के बड़े शहरों में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा नहीं बदली हैं—मुंबई में पेट्रोल करीब 103 रुपये और डीज़ल लगभग 90 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। हालांकि कच्चे तेल के महंगा होने से प्रीमियम पेट्रोल के दाम हाल में 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ाए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में गैस की कमी बड़ी चिंता बन सकती है।
देश में LPG गैस की किल्लत
बता दें कि, भारत, जो एलपीजी और प्राकृतिक गैस के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है।भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के आसपास बढ़ते तनाव की वजह से सप्लाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जहाजों की आवाजाही धीमी होने से एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कई टैंकर इस इलाके में फंसे हुए हैं। दरअसल, दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और गैस इसी अहम समुद्री रास्ते से गुजरता है, जो अब बाधित हो रहा है। इसका असर अब धीरे-धीरे जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगा है, जिससे आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
देश के कई शहरों में गैस एजेंसियों और सीएनजी स्टेशनों पर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, जहां सिलेंडर भरवाने और वाहनों में गैस डलवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं, हालांकि अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि सप्लाई सामान्य बनी हुई है।