Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) के विक्रम-1 रॉकेट के सफल लॉन्चिंग की सराहना करते हुए इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कस दिया। संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई उड़ान भरी है। स्काईरूट की सफलता देश की युवा शक्ति की क्षमता का प्रमाण है।
'मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा'
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, "भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष की नई यात्रा शुरू की है। मुझे बताया गया कि स्काईरूट स्टार्टअप की पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है। इन युवाओं ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मैं 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं।" हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन उनके इस बयान को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि राहुल गांधी का 19 जून को 56वां जन्मदिन था।
'देश ने कई उपलब्धियां हासिल की'
पीएम मोदी ने कहा, "सिर्फ एक महीने में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसी कामयाबियां जिनसे हर नागरिक को गर्व महसूस होता है। चाहे राष्ट्रीय मंच हो, अंतरराष्ट्रीय स्तर हो या अब अंतरिक्ष ही क्यों न हो, ये पल भारत के लिए सचमुच गर्व करने वाले रहे हैं। पिछले साल मॉनसून सत्र से ठीक पहले, एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा था। और अभी कुछ दिन पहले ही, एक युवा भारतीय स्टार्टअप ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "दुनिया के बहुत कम देशों में ऐसे प्राइवेट उद्यम देखने को मिले हैं। भारत के युवा अंतरिक्ष में एक नई यात्रा पर निकल पड़े हैं। यह एक जबरदस्त सफलता है... दुनिया भर में भारत की पहचान और स्वीकार्यता बढ़ रही है। यह कोई इत्तेफाक नहीं है। यह एक संदेश है, एक जबरदस्त संदेश कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनके सपने अंतरिक्ष की तरह ही असीम हैं।"
विक्रम-1 लॉन्च को बताया बड़ी उपलब्धि
पीएम मोदी ने कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 रॉकेट का सफल लॉन्चिंग भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि भारत के युवा इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया के सामने नई पहचान बना रहे हैं।
स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी सराहना
प्रधानमंत्री ने देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत कम देशों में प्राइवेट सेक्टर ने अंतरिक्ष जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा, "यह केवल एक सफलता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मजबूत संदेश है कि भारत के युवाओं की क्षमता और उनके सपने अंतरिक्ष की तरह असीमित हैं।"
'दुनिया में बढ़ रही भारत की साख'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है। दुनिया भारत की उपलब्धियों को स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सब संयोग नहीं है। बल्कि भारत के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और इनोवेशन का परिणाम है।
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिए गए इस बयान को राजनीतिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और युवा वैज्ञानिकों की सराहना की। वहीं दूसरी ओर उनके '56 साल के युवा' वाले बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।