PM Modi viral video: युवाओं में खेल संस्कृति और नेतृत्व क्षमता को बढावा देने के लिए आयोजित 'सांसद खेल महोत्सव' के मौके पर हरियाणा के बॉक्सर नीरज कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीएम मोदी ने गुरुवार (25 दिसंबर) को इस महोत्सव के दौरान देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों से बातचीत की।इसी दौरान उन्होंने हरियाणा के एक उभरते बॉक्सर नीरज कुमार से बात की।
इस दौरान पीएम मोदी से बॉक्सर नीरज ने हरियाणवी अंदाज में पूछा, 'और कैसे हो...?' इस पर पीएम मोदी ने तुरंत जवाब दिया, "मैं तेरे जैसा ही हूं...।" इस पर दोनों ठहाके लगाकर हंसने लगे। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
दोनों के बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। नीरज ने पीएम मोदी को बताया कि 'सांसद खेल महोत्सव' में हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई। नीरज ने कहा कि वह अगले ओलिंपिक में देश के लिए मेडल लाने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके लिए पीएम मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बातचीत की शुरुआत में नीरज कहते हैं, 'सर जी राम-राम हम सभी की तरफ से...' इस पर प्रधानमंत्री कहते हैं- 'नीरज, राम-राम...।' फिर इसके जवाब में उधर से बॉक्सर नीरज का जवाब आता है, "और कैसे हो...।" इस पर PM मोदी मुस्कुराते हुए कहते हैं, "मैं तेरे जैसा ही हूं...।" नीरज के साथ पीएम मोदी की बातचीत का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि 2014 से पहले खेल विभाग में और टीम चयन में होने वाली अनियमिततायें अब खत्म हो गई है। गरीब परिवारों के बच्चे भी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर शीर्ष स्तर पर पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महोत्सव में शहरों से लेकर गांवों तक हर पृष्ठभूमि के लोगों की सहभागिता दिखाती है कि इसका दायरा और प्रभाव कितना बड़ा है।
उन्होंने कहा, "यह महोत्सव युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मंत्र का मजबूत स्तंभ बना रहा है। सांसद खेल महोत्सव से देश को हजारों की संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिल रहे हैं। जीत और हार से इतर खेलों से जो खेल भावना सीखने को मिलती है। उसी से सक्षम और अनुशासित युवाओं का निर्माण होता है। ऐसे युवा ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। यह महोत्सव समाज की सोच बदलने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "देश के दूर दराज इलाकों से कितने ही उदाहरण आ रहे हैं जो पूरे देश को प्रेरित करते हैं। कहीं कोई दिव्यांग खिलाड़ी चुनौतियों को छोटा बनाकर बुलंदियों को छू रहा है। कहीं किसी मैदान पर कोई बेटी अपने सपनों को पूरा करने में लगी है। सांसद खेल महोत्सव ऐसे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले खेलने पर बच्चों को डांटने वाले समाज में एक दशक के भीतर बदलाव इसलिए संभव हुआ। अब माता पिता को अहसास हो गया है कि खेलने से जीवन बर्बाद नहीं होता बल्कि बच्चे खेलों में आगे बढकर अपने परिवार की ही नहीं। बल्कि पूरे गांव और समाज की किस्मत बदल सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश का खेल बजट 1200 करोड़ रूपये से भी कम था जो अब 3000 करोड़ रूपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम) योजना के जरिये खिलाड़ियों को हर महीने 25 से 50 हजार रूपये तक मदद मिल रही है।
'सांसद खेल महोत्सव' के तहत तीन स्तर की प्रतिस्पर्धा में गांव, ब्लॉक और संसदीय क्षेत्र के स्तर पर खेल होंगे। इसमें पारंपरिक खेलों के अलावा फुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट भी खेला जाएगा। इसके अलावा रस्साकशी, नींबू चम्मच दौड़ और बोरी दौड़ जैसे आयोजन भी होंगे। ताकि अधिक से अधिक युवा भाग ले सकें।