PM Modi Lucknow Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (25 दिसंबर) को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बने 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' को देश को समर्पित कर दिया। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विचारकों पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
इस दौरान उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के कई सीनियर नेता भी मौजूद थे।
इस कॉम्प्लेक्स में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये भारत की राजनीतिक सोच, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक हैं। वाजपेयी की आज यानी 25 दिसंबर को 101वीं जयंती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार देश के महान व्यक्तित्वों की विरासत का सम्मान करने और उसे संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को X पर एक पोस्ट में कहा, "देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में कल दोपहर बाद करीब 2:30 बजे लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा।"
उन्होंने कहा, "यहां वाजपेयी जी के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भव्य कांस्य प्रतिमाएं भी लगाई गई हैं। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी विकसित किया गया है, जहां राष्ट्र निर्माण में इन दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।" इस अवसर पर PM मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।
एक विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक के जीवन, आदर्शों और अमिट विरासत के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में कार्य करेगा। इनके नेतृत्व ने देश की लोकतांत्रिक, राजनीतिक और विकासात्मक यात्रा पर गहरा प्रभाव छोड़ा। इसके मुताबिक राष्ट्र प्रेरणा स्थल को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक और चिरस्थायी राष्ट्रीय महत्व के प्रेरणादायक परिसर के रूप में विकसित किया गया है।
लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर, नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और जन प्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में परिकल्पित है।
बयान में कहा गया है कि इस परिसर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं। ये भारत के राजनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक हैं।
इसमें कमल के आकार की संरचना में निर्मित एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी है, जो लगभग 98,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को संरक्षित और बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।