मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। ये हमले ऐसे समय में हो रहे हैं, जब ईरान अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के जवाब में क्षेत्र में मौजूद ठिकानों को निशाना बना रहा है। इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी।
बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी ने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत लगातार शांति और स्थिरता की अपील करता रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब दो लोकतांत्रिक देश मिलकर काम करते हैं, तो वैश्विक मुद्दों पर उनकी आवाज और ज्यादा मजबूत हो जाती है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार कई देशों के संपर्क में है, ताकि इस क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई बातचीत के बाद सामने आया। हाल के सैन्य घटनाक्रमों के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक की भी अध्यक्षता की और मौजूदा हालात की समीक्षा की।
इधर, तेहरान की ओर से किए जा रहे जवाबी हमलों ने बड़े स्तर पर संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। अमेरिका के सहयोगी देशों ने भी ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में मदद करने की बात कही है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के सैन्य अधिकारियों को हथियार डालने को कहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इसके सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। ट्रंप ने कहा कि इसके बदलने में सुरक्षा की पूरी गारंटी हम देंगे।