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Pralay Missile: DRDO ने रच दिया इतिहास! एक ही लॉन्चर से दो प्रलय मिसाइलों का किया साल्वो लॉन्च

Pralay missiles: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को ओडिशा के तट से एक ही लॉन्चर से दो प्रलय मिसाइलों का लगातार सफल परीक्षण किया। यह फ्लाइट-टेस्ट यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के हिस्से के तौर पर किया गया था। दोनों मिसाइलों ने तय रास्ते का पालन करते हुए सभी फ्लाइट उद्देश्यों को पूरा किया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 31, 2025 पर 5:28 PM
Pralay Missile: DRDO ने रच दिया इतिहास! एक ही लॉन्चर से दो प्रलय मिसाइलों का किया साल्वो लॉन्च
Pralay missiles: प्रलय मिसाइल का यूजर ट्रायल साल्वो फायरिंग सफल हो गया है

Pralay missiles: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट से दो प्रलय मिसाइलों का सफल साल्वो लॉन्च कर इतिहास रच दिया। इस परीक्षण में मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता और ऑपरेशनल तैयारियों की पुष्टि हुई है। यह भारत की परंपरागत सैन्य प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। DRDO ने बुधवार (31 दिसंबर) को ओडिशा के तट से दो प्रलय मिसाइलों का साल्वो लॉन्च सफलतापूर्वक किया। यह लॉन्चिंग बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। यह यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का हिस्सा था।

दोनों मिसाइलों को एक ही लॉन्चर से अलग-अलग दागा गया, जिन्होंने अपने तय फ्लाइट पाथ को फॉलो किया। फिर सभी तय लक्ष्यों को पूरा कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि एक ही लॉन्चर से कुछ ही समय के अंतराल पर दोनों प्रलय मिसाइलों का साल्वो लॉन्च सफलतापूर्वक किया। प्रलय एक स्वदेशी रूप से विकसित सॉलिड प्रोपेलेंट क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। यह हाई प्रेसिजन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन का इस्तेमाल करती है।

इस इवेंट को DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मिसाइल लॉन्च के विज़ुअल के साथ शेयर किया। पोस्ट में DRDO ने कहा, "आज ITR चांदीपुर से एक ही लॉन्चर से दो प्रलय मिसाइलों का एक साथ लॉन्च सफलतापूर्वक किया गया। यह फ्लाइट टेस्ट यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के हिस्से के तौर पर किया गया था। दोनों मिसाइलों ने तय रास्ते का पालन किया और सभी फ्लाइट उद्देश्यों को पूरा किया।"

DRDO के बयान में कहा गया है कि यह अलग-अलग टारगेट के लिए कई तरह के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यह फ्लाइट टेस्ट इवैल्यूएशन ट्रायल के हिस्से के तौर पर किया गया था। ट्रैकिंग सेंसर से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों मिसाइलों ने तय रास्ते का पालन किया और सभी फ्लाइट उद्देश्यों को पूरा किया।"

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