Prashant Kishor News: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार (11 अगस्त) को कहा कि वह अगले दो वर्षों में अपने विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10 हजार युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने की व्यवस्था करेंगे। किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए हाल ही में हुए उपचुनाव में निर्वाचित हुए हैं। यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी।
प्रशांत किशोर के ऑफिस में भेजना होगा CV
किशोर ने बांकीपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "अगर आपका बच्चा पढ़ा-लिखा है लेकिन बेरोजगार है तो उसका CV (Curriculum Vitae) हमारे कार्यालय में जमा करें। हम अगले दो वर्षों में कम से कम 10 हजार बच्चों को नौकरी दिलाएंगे।" उन्होंने कहा कि बिहार में जन सुराज की सरकार बनने के बाद राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। लेकिन फिलहाल युवाओं को बिहार के साथ-साथ राज्य के बाहर भी रोजगार के अवसर तलाशने होंगे।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर
बांकीपुर से विधायक ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के अलावा वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जरूरतमंदों को खाद्यान्न और सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेंगे। किशोर ने कहा, "एक साल के भीतर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता इतनी बेहतर की जाएगी कि लोग अपने बच्चों का दाखिला वहां कराने लगें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने और उनकी फीस भरने की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर की होगी।"
छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। किशोर ने कहा कि नई दिल्ली और झारखंड, दोनों जगह लाठीचार्ज हुआ। लेकिन सरकारें लाठी के डर से युवाओं को डरा नहीं सकतीं। प्रशांत किशोर ने कहा, "लाठीचार्ज जंतर-मंतर पर भी हुआ है, पटना में भी हुआ है और झारखंड में भी हो रहा है। जब लोग पेपर लीक से परेशान हैं, यहां की ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं, बेरोजगारी से परेशान हैं तो बच्चे सड़कों पर उतरेंगे ही।"
किशोर ने आगे कहा, " जो नेता इसके लिए दोषी हैं, वो बच्चों के गुस्से से बचने के लिए उनपर लाठी चलवा रहे हैं लेकिन लाठी चलवाने से यह दबने वाला नहीं है। यह मामला रुकने वाला नहीं है। यह आग नीचे फैलेगी और फैल रही है। युवाओं को और बच्चों को आप डरा नहीं सकते हैं। लाठी के बल पर आप उसको रोक नहीं सकते हैं। सरकार को जो मूलभूत समस्या है, रोजगार और शिक्षा की, उसका समाधान करना ही पड़ेगा। अगर आगे भी पेपर लीक होगा तो जिस सरकार के रहते होगा, उसको परेशानी का सामना करना पड़ेगा।"