Prateek Yadav Death News: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार (13 मई) सुबह अपने सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन को 'अत्यंत दुखद' बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच को लेकर परिवार जैसा कहेगा, उसी हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। अखिलेश यादव बुधवार सुबह लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे और फिर वहां से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) गए, जहां प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वह करीब 45 मिनट तक केजीएमयू में रहे। इसके बाद उनके निधन को लेकर पत्रकारों से बातचीत की।
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रतीक अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते थे। यह बहुत दुखद है कि वह अब उनके बीच नहीं हैं। यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने हमेशा उसे कहा कि अपनी सेहत का ध्यान रखे और अपने कारोबार को आगे बढ़ाए। सपा मुखिया ने कहा कि कभी-कभी पैसों का नुकसान या कारोबार में रुकावट लोगों को बहुत परेशान कर देती है। अब वह हमारे बीच नहीं है। हम कानून के हिसाब से जो रास्ता है, उसी को अपनाएंगे।
जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि क्या प्रतीक की मौत के मामले में जांच होनी चाहिए? तो उन्होंने कहा, "स्वाभाविक है जो कानून कहता है और जो परिवार के लोग कहेंगे, उस हिसाब से हम लोग बात मानेंगे।" अखिलेश यादव ने कहा, "मैंने प्रतीक को बचपन से देखा है। आज वे हमारे बीच नहीं है। हमें इस बात का बहुत दुख है। वे जीवन में आगे बढ़कर काम करना चाहते थे। यह दुखद है कि वे आज हमारे बीच नहीं हैं। कानून और परिवार के लोग जो कहेंगे हम उसी बात को मानेंगे। हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे।"
यूपी के पूर्व सीएम ने आगे कहा, "वह बहुत अच्छे इंसान थे और अपनी कड़ी मेहनत से कुछ हासिल करना चाहते थे... कानून को अपना काम करना चाहिए। मैं कुछ दिन पहले (2 महीने पहले) उनसे मिला था... मैंने उनसे कहा था कि वह अपनी सेहत और अपने कारोबार का ध्यान रखें।" सूत्रों के अनुसार 38 साल के प्रतीक को अचानक तबीयत खराब होने पर सुबह सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सपा प्रमुख ने इससे पहले X पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, "श्री प्रतीक यादव का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि!" प्रतीक को कुछ समय पहले तबीयत खराब होने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अखिलेश यादव ने करीब 10 दिन पहले उनसे मुलाकात की थी।
प्रतीक सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। फिटनेस के प्रति गंभीर रहने वाले प्रतीक बेहद प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद सियासत से दूर रहते थे। हालांकि, प्रतीक की पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई थीं। वर्तमान में वह यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।