राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने उन वीर लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत को विदेशी शासन से आज़ाद कराने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्रपति ने देश की सुरक्षा में लगे सशस्त्र बलों की तैयारियों की तारीफ की और नागरिकों की रक्षा के लिए उनके समर्पण को सराहा। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, संविधान के मूल्यों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारियों पर भी बात की।
