राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।' अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, गलत तरीकों पर रोक लगाने और युवाओं के लिए पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक कदम उठा रही है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कही ये बात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि छात्र ही भारत के भविष्य को बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके। सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह देश की सुरक्षा के लिए सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी सभी को मिलकर गंभीर और मजबूत कदम उठाने होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं छात्रों के लिए आगे बढ़ने और अपने बेहतर भविष्य का रास्ता बनाने का मौका देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और गलत तरीकों को पूरी तरह रोकना है। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को युवाओं के लिए ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में युवाओं और छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव, मामलों की तेजी से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं में बढ़ रही कारोबार और खुद का काम शुरू करने की सोच की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा सिर्फ नौकरी पाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद रोजगार देने वाले बन रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के कई युवा अपना काम शुरू कर रहे हैं और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। युवाओं की भागीदारी से भारत में स्टार्टअप का मजबूत माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित हैं और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और नेतृत्व की भूमिकाएं दे रही हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऐसे सफल युवाओं ने पूरी दुनिया में भारत की युवा ताकत की पहचान मजबूत की है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियों से देश के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य में लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। युवाओं के पूरे विकास पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत देश के भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं के विकास और देश के निर्माण में खेलों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत गांव और जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं और बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार खेलों के विकास पर बड़े स्तर पर खर्च कर रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। राष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए साफ संदेश दिया गया कि आतंकवादी और उन्हें मदद देने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिपे हों, उन्हें अपने किए की कीमत चुकानी होगी।