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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संदेश: पेपर लीक रोकने और परीक्षा सुधारों पर जानें क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि छात्र ही भारत के भविष्य को बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Aug 14, 2026 पर 9:26 PM
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संदेश: पेपर लीक रोकने और परीक्षा सुधारों पर जानें क्या कहा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।' अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, गलत तरीकों पर रोक लगाने और युवाओं के लिए पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक कदम उठा रही है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कही ये बात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि छात्र ही भारत के भविष्य को बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके। सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह देश की सुरक्षा के लिए सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी सभी को मिलकर गंभीर और मजबूत कदम उठाने होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं छात्रों के लिए आगे बढ़ने और अपने बेहतर भविष्य का रास्ता बनाने का मौका देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और गलत तरीकों को पूरी तरह रोकना है। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को युवाओं के लिए ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में युवाओं और छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव, मामलों की तेजी से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

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