पंजाब के पठानकोट जिले के सिख परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गए ट्रक ड्राइवर बलजिंदर सिंह को स्थानीय प्रशासन ने मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में पकड़ कर जेल में डाल दिया है। इस मामले में उसे मौत की सजा सुनाई गई है। इस खबर से पठानकोट स्थित उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके परिवार ने उसकी रिहाई के लिए राज्य और केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की है।
पठानकोट जिले के सुजानपुर का रहने वाला बलजिंदर सिंह लगभग तीन साल से सऊदी अरब में पुलिस हिरासत में है। सऊदी अधिकारियों ने दुबई से सऊदी अरब जाते समय उसके ट्रक में मिले दवाओं के एक पैकेट से कथित तौर पर नारकोटिक्स बरामद किए थे। सिंह लगभग एक दशक से दुबई में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था और अपनी नौकरी के सिलसिले में अक्सर सऊदी अरब जाता था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके परिवार के मुताबिक, उसकी एक यात्रा से पहले, उसके एक साथी ने उसे सऊदी अरब में एक बुजुर्ग व्यक्ति को दवा का एक पैकेट देने के लिए कहा था।
उसके परिवार ने दावा किया कि पैकेट में क्या है, यह जाने बिना ही सिंह उसे साथ ले जाने के लिए मान गया। हालांकि, जब दुबई-सऊदी बॉर्डर पर उसकी गाड़ी की सिक्योरिटी चेकिंग हुई, तो अधिकारियों को कथित तौर पर पैकेट के अंदर छिपा हुआ नारकोटिक्स मिला। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर केस चलाया गया। बाद में एक सऊदी कोर्ट ने सिंह को ड्रग ट्रैफिकिंग के मामले में दोषी पाया और उसे मौत की सजा सुना दी गई।
उनके परिवार का कहना है कि सिंह का मादक पदार्थ से जुड़ी किसी गतिविधि में कोई हाथ नहीं था। उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि दवा के पैकेट में क्या रखा गया था। उन्होंने तुरंत राजनयिक और कानूनी मदद की अपील की है, और फांसी रोकने और उनकी रिहाई में मदद के लिए दखल देने की मांग की है।