राजस्थान के चुरू से एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। चुरू के रतनगढ़ में एयर फोर्स के जगुआर फाइटर जेट के क्रैश होने की जानकारी मिली है। ये विमान हादसा भानुदा गांव में हुआ और जानकारी मिलते ही पूरा पुलिस प्रशासन घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। घटना के बाद, राजलदेसर पुलिस स्टेशन से एक टीम तुरंत घटनास्थल पर भेजी गई। हताहतों या नुकसान के बारे में और जानकारी का इंतजार है, क्योंकि अधिकारी अपनी शुरुआती जांच शुरू कर रहे हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये इंडियन एयरफोर्स का जगुआर विमान था। विमान एक छोटी से सड़क के किनारे खेतों में गिरा और खेतों में भी आग लग गई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो पायलट की लाश विमान के मलबे में मिली है।
विमान ने राजस्थान के श्रीगंगानगर में सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी और चुरू के रतनगढ़ में एक खेत में क्रैश हो गया है। सामने आई तस्वीरों में खेत में हर तरफ विमान के छोटे-छोटे टुकड़े दिखाई दे रहे हैं।
वहीं कुछ तस्वीरों में खेतों में से काला धुंआ उठता दिख रहा है। जबकि एक वीडियो में सड़क किनारे विमान का बहुत सारा जलता हुआ मलबा भी दिखाई दे रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान का हवा में बैलेंस बिगड़ा और वो पास के एक खेत में जा गिरा। राजलदेसर पुलिस स्टेशन की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची और शुरुआती जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों और मृतकों की पहचान के बारे में अभी और जानकारी का इंतजार है।
भारतीय वायुसेना (IAF) SEPECAT Jaguar नाम के लड़ाकू विमान का इस्तेमाल करती है, जिसे भारत में "शमशीर" यानी "न्याय की तलवार" कहा जाता है। यह एक डबल इंजन एयरक्राफ्ट है, जो दुश्मन की सीमा में गहराई तक जाकर हमला करने में सक्षम है।
Jaguar विमान की शुरुआत 1960 के दशक में फ्रांस और ब्रिटेन के ज्वाइंट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। भारतीय वायुसेना ने इसे साल 1979 में अपने बेड़े में शामिल किया। भारत को करीब 160 Jaguar विमान मिले, जिनमें से 40 सीधे मंगवाए गए थे और बाकी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में ही बनाए थे।
भारतीय वायुसेना छह स्क्वाड्रनों में लगभग 120 जगुआर विमानों का इस्तेमाल करती है। जगुआर कई अलग-अलग ऑपरेशन में शामिल रहे हैं, जिनमें कारगिल युद्ध भी शामिल है, जहां उनका इस्तेमाल सटीक हमलों के लिए किया गया था।