Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी का मामला उस समय सामने आया, जब मंदिर परिसर के एक शौचालय में 40 हजार रुपये कैश छिपे मिले। 'टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)' की रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से हुई इस बरामदगी ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया, जो पिछले कई महीनों से दान की रकम में कथित तौर पर सेंध लगा रहा था।
शौचालय में कैश मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनने वाले रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दान की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी नोटों को अपने कपड़ों और शरीर में छिपा रहे थे। इसके बाद पूरे दान प्रबंधन तंत्र की जांच शुरू की गई।
ऐसे की जाती थी दान की रकम की चोरी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की गिनती के दौरान कैश निकालकर पहले उसे मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपा देते थे। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की नजर से बचते हुए उस रकम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया जाता रहा।
शुरुआती जांच में मंदिर ट्रस्ट ने लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी दर्ज की। मामला तूल पकड़ने के बाद जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी गई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक गाड़ी भी बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर धन के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।
कई महीनों से चल रही थी कथित हेराफेरी
जांच अधिकारियों का मानना है कि दान की रकम में यह कथित चोरी कई महीनों से जारी थी। हालांकि, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दान और रिकॉर्ड की सीमाओं के कारण यह तय कर पाना मुश्किल है कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अहम खुलासा तब हुआ जब एक सिक्योरिटी गार्ड को मंदिर परिसर के अंदर एक वॉशरूम में छिपे हुए ₹40,000 मिले। इस खोज से तुरंत शक पैदा हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने डोनेशन गिनने वाली जगह के CCTV फुटेज की जांच की। उन्हें जो मिला, वह छिपे हुए कैश के एक बंडल से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला था।
दान व्यवस्था में मिलीं खामियां, ट्रस्ट ने बदली पूरी सिस्टम
SIT की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक के पास दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। इससे मंदिर की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस कथित गड़बड़ी से अनजान थे या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।
मामले के सामने आने के बाद 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने दान संग्रह और गिनती की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब दान की गिनती के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है, सख्त मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और नकदी प्रबंधन प्रणाली में बदलाव कर मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की कोशिश की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।