Ramban Landslide: भूस्खलन प्रभावित रामबन में उमर अब्दुल्ला का विरोध, बाढ़ पीड़ितों ने घेरा सीएम का काफिला, जमकर की नारेबाजी

Ramban Landslide: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने से जिले में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण 250 किलोमीटर लंबे हाईवे पर सैकड़ों वाहन फंस गए। इस प्राकृतिक आपदा में दो नाबालिग भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि 100 से ज्यादा लोगों को बचाया गया

अपडेटेड Apr 22, 2025 पर 12:46 PM
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Ramban Landslide: विरोध-प्रदर्शन बढ़ता देख सीएम उमर अब्दुल्ला को रामबन से लौटना पड़ा (फाइल फोटो)

Ramban Landslide News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भूस्खलन से हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को रामबन शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। सीएम ने अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन से उत्पन्न जमीनी स्थिति का आकलन किया। हालांकि, इस दौरान उमर अब्दुल्ला को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। बाढ़ पीड़ितों ने सीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भूस्खलन के बाद हालात से परेशान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का काफिला रोक लिया। लोगों ने बाढ़ और भूस्खलन के बाद की परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री से सीधी बात करने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन बढ़ता देखते हुए सीएम को वहां से लौटना पड़ा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाद में पत्रकारों से कहा, "काम में जितनी तेजी लाई जा सकती है लाई जा रही है। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि लोगों की कीमती जान ना जाए। हमने लोगों को मौके से निकाला और उन्हें दूसरी जगहों पर बसाया। हमारी दूसरी प्राथमिकता सड़क को जोड़ना है क्योंकि सड़कों के बिना यहां तक राहत सामग्री लाना मुश्किल होगा।"

सीएम ने आगे कहा, "अफसरों ने हमें यकीन दिलाया है कि अगले 24 घंटे में यह हाईवे सिंगल ट्रैक पर खोल दिया जाएगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि सरकार की ओर से हमें जो मदद मिलनी चाहिए वह मिलेगी। हमारा पूरा प्रयास है कि अगले 24 घंटे के भीतर हाईवे खोला जाए लेकिन आगे ऐसे हालात ना बनें इसका भी प्रयास किया जाएगा। मेरा प्रयास है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी और खासकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मौके पर लाया जाए।"


रामबन में रविवार को बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों तथा आवासीय भवनों सहित बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में दो भाई-बहनों सहित तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोगों को बचाया गया। इससे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को भारी क्षति पहुंची है। भूस्खलन के बाद कई वाहन मलबे में दबे हुए हैं। कुछ स्थानों पर कीचड़-मलबे की ऊंचाई 20 फुट से भी अधिक है।

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि रामबन जिले में भारी बारिश और बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री को सोमवार को ही रामबन कस्बे में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गांवों का दौरा करना था, लेकिन रोड बह जाने के कारण उन्हें श्रीनगर लौटना पड़ा।

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश और बादल फटने से अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन के कारण जिले के करीब एक दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि प्राधिकारियों ने आवश्यक सेवाएं बहाल करने तथा प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए संसाधन जुटाए।

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संभागीय आयुक्त (जम्मू) रमेश कुमार ने भी कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए विभिन्न टीम मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मुगल रोड और सिंथन टॉप रोड के माध्यम से कश्मीर घाटी तक जाने के लिए वैकल्पिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं क्योंकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बहुत क्षतिग्रस्त हो गया है और इसको बहाल करने में समय लग सकता है।

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