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Ram Mandir: मंदिर का भव्य स्वरूप और अयोध्या का विकास, जानें रामलला प्राण प्रतिष्ठा के दो सालों में क्या बदला

Ramlala Pratishtha Divas 2026: 22 जनवरी, गुरुवार को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा-अर्चना में भाग लेंगे। यह दिन भक्ति और आध्यात्मिक उत्सव का प्रतीक माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 9:41 AM
Ram Mandir: मंदिर का भव्य स्वरूप और अयोध्या का विकास, जानें रामलला प्राण प्रतिष्ठा के दो सालों में क्या बदला
Ramlala Pratishtha Divas 2026: मंदिर परिसर में करीब 1600 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।

गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाएगा। ये दिन श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के रूप में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे और भगवान राम के बाल रूप की भक्ति और पूजा-अर्चना करेंगे। हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जाता है। उन्हें धर्म, कर्तव्य और नैतिक आदर्शों का प्रतीक माना जाता है। भक्त अक्सर उन्हें शारंग धनुष-बाण धारण किए हुए योद्धा के रूप में देखते हैं, तो वहीं कई श्रद्धालु उनका बाल रूप रामलला के रूप में पूजते हैं।

अयोध्या में रामलला सदियों से सर्वोच्च देवता के रूप में विराजमान हैं और उनका पूजन बेहद श्रद्धापूर्वक किया जाता है। रामलला प्रतिष्ठा दिवस भक्तों के लिए न सिर्फ धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक अनुभव का अवसर है, जो भक्ति, रोशनी और सामुदायिक उत्सव से भरा होता है

राम मंदिर का ऐतिहासिक सफर

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि पर स्थित प्राचीन मंदिर 16वीं शताब्दी में बाबर के आक्रमण में नष्ट हो गया था। इसके बाद 500 वर्षों तक विवाद चला। दशकों की कानूनी लड़ाई और संघर्ष के बाद भव्य राम मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। 22 जनवरी 2024 को ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ प्राण प्रतिष्ठा हुई, जो इतिहास का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण था।

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