भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 14 अगस्त अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन, 2026 का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत उद्यान 16 अगस्त से आम जनता के दर्शन के लिए खोला जा रहा है। अगर आप भी प्राकृतिक सुंदरता, मौसमी फूलों और ऐतिहासिक स्थापत्य कला का आनंद लेना चाहते हैं तो 15 सितंबर 2026 तक अमृत उद्यान घूमने जा सकते हैं। खास बात यह है कि यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है। आइए आपको यहां जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हैं-
जानिए कब और किस समय मिलेगी एंट्री
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी समय सारणी के मुताबिक अमृत उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा। उद्यान सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुलेगा। दर्शकों को शाम 5 बजे तक ही अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। रखरखाव के लिए सारे सोमवार को अमृत उद्यान आम जनता के लिए बंद रहेगा। यहां आने वाले लोगों की एंट्री और एग्जिट नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा।
फ्री में मिलेगी एंट्री, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग है अनिवार्य
अमृत उद्यान में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि यहां आने वाले दर्शकों के लिए अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग कराना अनिवार्य किया गया है। दर्शकों को राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर अपना स्लॉट पहले से बुक करना होगा। किसी खास दिन के भ्रमण के लिए स्लॉट की बुकिंग उस दिन से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी। ध्यान रहे कि ऑन द स्पॉट कोई भी बुकिंग सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना ऑनलाइन स्लॉट बुक किए न जाएं।
अमृत उद्यान की खास बनावट के बारे में जानिए
राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत से सटा 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस उद्यान को तीन टेरेस के रूप में डिजाइन किया गया है:
मुख्य इमारत से सटे इस हिस्से में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली दो-दो समानांतर जल नहरें इसे वर्गाकार ग्रिड में बांटती हैं। नहरों के क्रॉसिंग पर बने कमल के पत्तों के आकार के तीन-स्तरीय बलुआ पत्थरों के फव्वारों से पानी बहता है। दिन के एक खास समय में इन जल नहरों में राष्ट्रपति भवन की भव्य इमारत और खिलते फूलों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। यह हिस्सा मौलसिरी, सरू, चाइना ऑरेंज और गार्डेनिया से सदाबहार दिखता है।
मुख्य उद्यान के पश्चिम में मौजूद यह लंबा उद्यान उस केंद्रीय मार्ग के दोनों ओर फैला है जो सर्कुलर गार्डन की ओर जाता है। यह करीब 12 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है, जिसमें छोटी झाड़ियों से सजी गुलाब की क्यारियां हैं। दीवारों पर चाइना ऑरेंज के सजावटी फल लगे हैं जो पत्तियों से भी अधिक संख्या में दिखते हैं।
इसे पर्ल, बटरफ्लाई या सनकेन गार्डन भी कहा जाता है। यह सबसे पश्चिमी हिस्से में स्थित है और यहां सुगंधित किस्म के फूल लगाए गए हैं। इसके चारों ओर ऊंची दीवारें हैं और एम्फीथिएटर की तरह उतरती हुई सीढ़ियां हैं। इसके केंद्र में एक जल कुंड और फव्वारे मौजूद हैं।
अमृत उद्यान की तीनों छते और पूरे परिसर के अन्य उद्यान इस समय गर्मियों के मौसमी फूलों, झाड़ियों, लताओं और पुष्पित वृक्षों के शानदार रंगों से सजे हुए हैं। देशी पेड़-पौधे, फव्वारे और पानी की नहरें वातावरण में शीतलता बढ़ाती हैं। शाम के समय मोर यहां आराम से टहलते हुए देखे जा सकते हैं।