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रवि कुमार दिवाकर कौन हैं? यूपी के वो जज जिन्होंने 4 महीने में 22 लोगों को मौत की सजा सुनाई, उनसे 100 केस हटा लिए गए

Ravi Kumar Diwakar: दिवाकर पहली बार 2022 में चर्चा में आए, जब वाराणसी में सिविल जज के तौर पर काम करते हुए उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 20, 2026 पर 12:07 PM
रवि कुमार दिवाकर कौन हैं? यूपी के वो जज जिन्होंने 4 महीने में 22 लोगों को मौत की सजा सुनाई, उनसे 100 केस हटा लिए गए
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह ट्रांसफ़र वकीलों और मुक़दमा लड़ने वालों की उस आशंका के बाद किया गया है कि कोर्ट मौत की सज़ा सुना सकती है।

Ravi Kumar Diwakar: उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट जज के पास हत्या के लगभग 100 मामले पेंडिंग थे। इस जज ने पिछले चार महीनों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। अब इन मामलों को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफ़र कर दिया गया है।

सरकारी वकील ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि जिन मामलों में मौत की सज़ा या उम्रकैद हो सकती है, उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट से डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज वीरेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट में ट्रांसफ़र किया गया है।

डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह ट्रांसफ़र वकीलों और मुक़दमा लड़ने वालों की उस आशंका के बाद किया गया है कि कोर्ट मौत की सज़ा सुना सकती है। उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट जज के पास हत्या के लगभग 100 मामले पेंडिंग थे। इस जज ने पिछले चार महीनों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। अब इन मामलों को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफ़र कर दिया गया है।

सरकारी वकील ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि जिन मामलों में मौत की सज़ा या उम्रकैद हो सकती है, उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत से हटाकर डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज वीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में भेज दिया गया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह ट्रांसफर वकीलों और मुक़दमे से जुड़े लोगों की उस आशंका के बाद किया गया कि अदालत मौत की सज़ा सुना सकती है।

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