आरबीआई के पूर्व गवर्नर और मशहूर अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने आर्थिक असमानता दूर करने के लिए वेल्थ टैक्स जैसे उपायों को नाकाफी बताया है। उनका मानना है कि आज की दुनिया में वेल्थ टैक्स जैसे उपाय कारगर नहीं रह गए हैं। दुनिया के कई देशों में वैल्थ टैक्स लागू है। इनमें कोलंबिया, फ्रांस, नार्वे, स्पेन शामिल हैं। सरकार वेल्थ टैक्स के जरिए अमीर लोगों की संपत्ति पर टैक्स लगाती है और इससे हासिल पैसे का इस्तेमाल सोशल स्कीम के लिए करती है।
अमीर लोग वेल्थ टैक्स से बचने का रास्ता तलाश कर लेते हैं
बिजनेस टुडे की एक खबर के मुताबिक, इंडिया एंड ग्लोबल लेफ्ट के एक पॉडकास्ट में राजन ने कहा है कि जिन देशों में वेल्थ टैक्स लगाया गया है, वहां भी यह कारगर नहीं है। इसकी वजह यह है कि अमीर लोग इस टैक्स से बचने का कानूनी रास्त तलाश लेते हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया जैसे देश में आर्थिक असामनता ज्यादा है, लेकिन वेल्थ टैक्स इसका समाधान नहीं है। इंडिया में वेल्थ टैक्स एक्ट 1957 में लागू हुआ था। लेकिन, सरकार ने 2016 के यूनियन बजट में इसे खत्म करने का ऐलान किया।
वेल्थ टैक्स लगाना सबसे आसान
आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा कि वेल्थ टैक्स, इनहेरिटेंस टैक्स लगाना सबसे आसान है। लेकिन, सवाल यह है कि इसक जरिए कितना पैसा आता है। इसका जवाब जीरो है। उन्होंने मशहूर अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी के उस दावे से असहमित जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। राजन ने कहा कि यह सही नहीं है। आप वेल्थ टैक्स से बचने का कानूनी रास्ता तलाश लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में ऐसा देखते है।
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आम लोगों के लिए मौके पैदा करना जरूरी है
राजन ने कहा, "आप मुझे एक ऐसा देश बता दीजिए जिसने वेल्थ टैक्स से अच्छे पैसे जुटाए हैं। मैं इस मामले में पिकेटी को चैलेंज करता हूं।" उन्होंने कहा कि इंडिया को ऐसे उपाय करने चाहिए, जिससे आम लोगों के लिए अवसर पैदा हों। ऐसी स्थितियां बनाई जानी चाहिए जिनमें लोग कामयाबी हासिल कर सकें। हमें नीचे जाने की जगह ऊपर जाना चाहिए। नीचे जाने का मतलब है कि अपर मिडिल क्लास पर ज्यादा टैक्स लगाते हैं जो पहले से ही ज्यादा टैक्स चुका रहा है। इसके जाल में अमीर लोग आने वाले नहीं हैं।