RBI Alert: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए एक नया और बड़ा पब्लिक अलर्ट जारी किया है। आरबीआई ने इस हफ्ते लाखों व्हाट्सएप यूजर्स को मैसेज के जरिए बैंक केवाईसी और ओटीपी फ्रॉड को लेकर अलर्ट किया है। इस बार स्कैमर्स ने इस नई ट्रिक से लोगों के बैंक खातों और उनकी खून-पसीने की कमाई को साफ करने का नया स्कैम शुरू किया है। आपको बता दें कि केवाईसी के दौरान बैंक अपने कस्टमर्स को वेरिफाई करते हैं। पर अब स्कैमर्स इसके नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी कर रहे हैं और मासूम लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
केवाईसी अपडेट करें वरना अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, क्या आपको भी आया मैसेज?
आरबीआई के अलर्ट के मुताबिक स्कैमर्स लोगों को ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज भेजकर उनके बैंक खाते की डिटेल अपडेट करने को कहते हैं। इस मैसेज में चेतावनी दी जाती है कि अगर तुरंत केवाईसी अपडेट नहीं किया गया तो बैंक अकाउंट को ब्लॉक या फ्रीज कर दिया जाएगा। जैसे ही कोई शख्स मैसेज पढ़ता है वो पैनिक हो जाता है। स्कैमर्स इसी डर और हड़बड़ाहट का फायदा उठाते हैं। बहुत सारे लोग मैसेज में दिए गए Update KYC के लिंक पर क्लिक कर देते हैं और ऐसा करते ही वो ठगों की जाल में फंस जाते हैं।
बैंक अलर्ट पर आरबीआई की सलाह- रुकें, सोचें और फिर कदम उठाएं
आरबीआई ने बैंक ग्राहकों को सलाह दी है कि इस तरह के मैसेज या ईमेल मिलने पर बिल्कुल भी न घबराएं। कोई भी बैंक बिना किसी ठोस और निश्चित वजह के अचानक अकाउंट ब्लॉक करने वाले अलर्ट मैसेज आधिकारिक तौर पर नहीं भेजता है। आरबीआई ने इसके लिए तीन मुख्य बातें कही हैं। पहला संदेश है कि रुकें यानी मैसेज में दिए गए किसी भी लिंक पर तुरंत क्लिक करने की जल्दबाजी न करें और न ही उसमें दिए गए किसी नंबर पर कॉल बैक करें। दूसरा स्टेप है सोचें यानी ये समझें कि बैंक कभी भी आपको केवाईसी अपडेट करने का अलर्ट लिंक के साथ नहीं भेजते हैं। अगर लिंक आया है तो समझ लें कि यह पूरी तरह से एक स्कैम है। तीसरा स्टेप है कि जरूरी कदम उठाएं। ऐसे मैसेज या कॉल आने पर कभी भी किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना डेबिट कार्ड पिन या ओटीपी जैसी पर्सनल जानकारियां इनके साथ शेयर करें।
क्या है APK फाइल बैंक अटैक?
एंड्रॉयड फोन पर बाहर से ऐप इंस्टॉल करने के लिए APK फाइलों का इस्तेमाल किया जाता है। ठग अब इस तरीके से भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। सबसे पहले स्कैमर्स केवाईसी अपडेट पेंडिंग होने का झूठा मैसेज भेजते हैं। इसके बाद वे घर बैठे केवाईसी करने का झांसा देकर एक APK फाइल इंस्टॉल करने को कहते हैं। जैसे ही कोई यूजर इस फाइल को इंस्टॉल करता है, ठग उनके डिवाइस को हाईजैक कर लेते हैं या फर्जी अकाउंट/नंबर तैयार कर लेते हैं। इसके बाद आपके नंबर और खाते पर आने वाले सभी ओटीपी सीधे स्कैमर्स के पास चली जाती हैं। आपको जबतक पता चलता है तबतक देर हो चुकी होती है और आपके खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
स्कैम से बचने के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां
ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रहने के लिए आरबीआई के अनुसार इन बातों का हमेशा ध्यान रखें-
अनजान सोर्स पर भरोसा न करें: किसी भी अनजान ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
गोपनीय जानकारी न दें: अपना ओटीपी, पिन नंबर या दूसरी पर्सनल फाइनेंशियल जानकारियां किसी के साथ शेयर न करें।
अनजान APK फाइल इंस्टॉल न करें: किसी अजनबी या संदिग्ध मैसेज के कहने पर अपने एंड्रॉयड फोन में कभी भी एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
अकाउंट ब्लॉक होने वाली कॉल पर रिस्पॉन्स न दें: ऐसे किसी भी मैसेज या कॉल का जवाब न दें जिसमें दावा किया गया हो कि आपका बैंक खाता ब्लॉक होने वाला है।
रोजाना कई मासूम लोग इस तरह के झांसे में आकर अपनी जिंदगी भर की बचत गंवा बैठते हैं। आरबीआई का कहना है कि जागरूक और समझदार रहकर ही आप खुद को और अपने पैसों को इन साइबर ठगों से सुरक्षित रख सकते हैं।