NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन सिर्फ 20 मिनट में! वरुणा के किनारे अप्रूव्ड हुए 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का मैप और फुल डिटेल

वाराणसी (काशी) को ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। PM मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को वरुणा नदी के किनारे एक शानदार एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी है।

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 7:28 PM
वाराणसी में वरुणा नदी किनारे बनेगा मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी (काशी) को ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति बुधवार को वरुणा नदी के किनारे एक शानदार 6/4 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। पीआईबी की रिलीज के मुताबिक 10998.32 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत वाले इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाएगी। यह प्रोजेक्ट वाराणसी डीकन्जेशन प्लान का एक सबसे अहम हिस्सा है।

आइए जानते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरे रूट, लागत, मैप स्पेसिफिकेशन्स और इससे काशी की तस्वीर कैसे बदलेगी इसकी पूरी डिटेल।

प्रोजेक्ट का पूरा मैप और रूट स्पेसिफिकेशन्स


यह नया कनेक्टर कॉरिडोर सीधे तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) और वाराणसी रिंग रोड को आपस में कनेक्ट करेगा। इस लिंक/कनेक्टर कॉरिडोर की कुल लंबाई 43.218 किलोमीटर होगी। यह मुख्य रूप से एक 6/4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ कई जगह फ्लाईओवर्स, लूप्स, रैंप्स और सर्विस रोड्स का एक आधुनिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की ऑपरेटिंग स्पीड के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसपर गाड़ियां बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ सकेंगी।

यहां नीचे देखिए प्रोजेक्ट का पूरा रूट मैप

कंस्ट्रक्शन से लेकर जमीन अधिग्रहण तक का खर्च

कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ₹10998.32 करोड़ के इस कुल बजट को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। सिविल कंस्ट्रक्शन कॉस्ट के लिए 4565.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण पर 934.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा बाकी की राशि प्रोजेक्ट के अन्य तकनीकी और एसोसिएटेड खर्चों में इस्तेमाल होगी।

यात्रा समय में 50% की कटौती: 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में

इस कॉरिडोर के बन जाने के बाद वाराणसी आने-जाने वाले यात्रियों के समय में भारी बचत होगी। अभी NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में शहर के भारी जाम से जूझना पड़ता है। इसमें करीब 40 मिनट का समय लगता है। इस एक्सेस-कंट्रोल एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह यात्रा समय घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। यानी यात्रा के समय में सीधे 50 प्रतिशत की कमी आएगी। इससे शहर का आंतरिक रोड नेटवर्क पूरी तरह जाम मुक्त होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और गाड़ियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी कमी आएगी।

काशी के इन प्रमुख रेलवे स्टेशनों, घाटों और एयरपोर्ट को मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी

वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी शहर के भीतर और उसके आस-पास के सभी प्रमुख केंद्रों को आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे कई जगहों पर पहुंचना आसान हो जाएगा-

  • काशी रेलवे स्टेशन
  • वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन
  • वाराणसी जंक्शन (कैंट स्टेशन)
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU)
  • वाराणसी एयरपोर्ट (लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बाबतपुर)
  • रामनगर पोर्ट (Ramnagar Port)
  • वाराणसी के सभी प्रमुख घाट
  • सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय
  • समीपवर्ती चंदौली क्षेत्र

पीएम गति शक्ति और आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापार, कृषि और लॉजिस्टिक्स के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुरूप यह प्रोजेक्ट मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देगा। यह कॉरिडोर सीधे तौर पर 1 इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन), 1 सोशल नोड (चंदौली) और 6 बड़े लॉजिस्टिक्स नोड्स तक पहुंच को आसान और मजबूत बनाएगा। इस रास्ते कृषि उपज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और खनिजों की तेज और बिना किसी दिक्कत के हो पाएगी। इससे पूरे पूर्वी यूपी की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी।

कुल मिलाकर वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह आधुनिक, एक्सेस-कंट्रोल अर्बन ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर न सिर्फ वाराणसी के निवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों/तीर्थयात्रियों के जीवन को सुगम बनाएगा बल्कि काशी में पर्यटन और सतत आर्थिक विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

यह भी पढ़ें: यूरिया के मामले में 100% आत्मनिर्भर बनेगा भारत! 8-9 नए प्लांट और 10 मिलियन टन कैपिसिटी का ये है पूरा प्लान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।