क्या अब DNA टेस्ट से होगा 5 बेबी ओरंगुटानों के रहस्यमय सफर का खुलासा?

ओडिशा के जंगल में मिले 5 बेबी ओरंगुटानों पर सरकार अब अलर्ट मोड में नजर आ रही है। आखिर अब क्या होना वाला इन क्यूट 5 बेबी ओरंगुटानों के साथ। और कैसे घुस आए ये पांचों बेबी ओरंगुटान भारत के अंदर, क्या ऐसे जानवर भारत में और भी हो सकते हैं? पढे़ं पूरी खबर...

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 9:51 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

अचानक ओडिशा के जंगल में मिले 5 बेबी ओरंगुटानों पर सरकार अब अलर्ट मोड में नजर आ रही है। आखिर अब क्या होना वाला इन क्यूट 5 बेबी ओरंगुटानों के साथ। और कैसे घुस आए ये पांचों बेबी ओरंगुटान भारत के अंदर, क्या ऐसे जानवर भारत में और भी हो सकते हैं? इन सब सवालों के जवाब ढूंढ़ने के लिए राज्य सरकार ने अब जांच और तेज कर दी है. पांचों नन्हे ओरंगुटानों की सच्चाई जानने के लिए अब राज्य सरकार ने नया तरीका निकाला है।

दरअसल सरकार इन जीवों की पहचान, उनके माता-पिता और वे किस देश या चिड़ियाघर से लाए गए हैं, इन सब सवलों का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराने की योजना बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि DNA रिपोर्ट आने के बाद ही उनके वास्तविक स्रोत की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। बताया जा हा है कि इस मामले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच की जा रही है.

फिलहाल रेस्क्यू किए गए सभी बेबी ओरंगुटान को भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में रखा गया है। वहां पशु चिकित्सकों की टीम उनकी लगातार स्वास्थ्य जांच कर रही है। मंत्री के अनुसार, सभी ओरंगुटान पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय और खान-पान कर रहे हैं। जल्द ही उन्हें दूध भी दिया जाएगा।


क्या DNA जांच से 5 बेबी ओरंगुटानों का सच आएगा सामने?

ये ओरंगुटान किस देश के हैं, किस चिड़ियाघर से चुराए गए हैं और इनके माता-पिता कौन हैं। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सरकार इनका DNA टेस्ट कराने जा रही है। माना जा रहा है कि DNA रिपोर्ट आने से इनके बारे में काफी कुछ पता चल सकता है जैसे की असली ठिकाने और किस देश, किस जंगल या किस ब्रीडिंग सेंटर से लाए गए हैं।

क्या भारत का हवा-पानी झेल पाएंगे बेबी ओरंगुटान?

पांचों बेबी ओरंगुटान भारत का हवा-पानी झेल पाएंगे या नहीं इसके लिए ओडिशा सरकार ने सेंट्रल जू अथॉरिटी से पूछा है कि क्या हमारे राज्य का मौसम इन जीवों के रहने लायक है या नहीं। अथॉरिटी की एक टीम जल्द ही नंदनकानन जू आकर देखेगी कि ये जीव किस हालत में हैं और इन्हें रखने के लिए क्या-क्या सुविधाएं चाहिए। इस जांच के बाद ही तय होगा कि इन्हें हमेशा के लिए नंदनकानन में रखा जाएगा या कहीं और भेजा जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एंगल से भी होगी जांच

पांचों बेबे ओरंगुटान को भारत में खूब प्यार मिल रहा है, लेकिन इन मासूमों को इनके परिवार से अलग कर के जंगल में कौन छोड़ गया इसकी जांच भी अब तेज हो रही है। जांच एजेंसियां हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही हैं. पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स संयुक्त रूप से इस संदिग्ध तस्करी नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं। जांच एजेंसियां स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ कर रही हैं, क्योंकि घटना स्थल पर एक संदिग्ध वाहन के 15 मिनट रुककर जाने की खबर भी मिली थी। इसके अलावा, ओडिशा सरकार पश्चिम बंगाल पुलिस और वहां के लोकल अफसरों के साथ मिलकर इस मामले की जांच की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस मामले के तथ्यों को सामने लाने में जुटी हैं। आगे की कार्रवाई तय करने से पहले राष्ट्रीय वन्यजीव और पशु कल्याण संगठनों से भी चर्चा की जाएगी।

कभी-कभी इसानों की तरह इमोशनल भी हो जाते हैं ओरंगुटान 

ऑरंगउटान का DNA इंसानों से 97% मिलता है, इसीलिए ये काफी हद तक इंसानों की तरह ही अक्लमंद और इमोशनल होते हैं। ये हाथ से औजार बनाने से लेकर अपनी समस्याएं सुलझाना तक बखूबी जानते हैं। इंसानों की तरह इनकी मां भी अपने बच्चे को लगभग 7 से 9 साल तक संभालती है और उसे ज़िंदगी जीने के सारे तरीके सिखाती है। हैरान करने वाली बात यह है कि बीमार या चोटिल होने पर ये खुद जड़ी-बूटियों और पत्तियों को चबाकर अपने जख्मों पर मलम लगा लेते हैं। यही नहीं, ये सोने के भी बड़े शौकीन होते हैं और पेड़ों की ऊंची डालियों पर पत्तियों से बाकायदा गद्दा-तकिया सेट करके रोज़ अपने लिए नया और आरामदायक बिस्तर तैयार करते हैं। भारत आए नन्हे 5 ऑरंगउटानों की ऐसी ही कुछ क्यूट हरकतें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं जिन्हें देख कर लोग इन पर खूब प्यार लुटा रहे हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।