IndiGo vs Air India: भारत की दोनों प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया पायलटों की कमी से जूझ रही है। हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई भारी अव्यवस्था ने 'अनुभवी पायलटों की कमी' के एक बड़े संकट को जन्म दिया है। नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन(FDTL) नियमों के लागू होने के बाद पायलटों की उपलब्धता घट गई है, जिसके चलते अब इंडिगो और एयर इंडिया के बीच अनुभवी कैप्टनों को अपनी ओर खींचने की होड़ मच गई है। हालत यह है कि पायलटों को लुभाने के लिए कंपनियां 50 लाख रुपये तक के भारी-भरकम ज्वाइनिंग बोनस की पेशकश कर रही हैं।
कैप्टनों को मिल रहा 50 लाख का 'जैकपॉट ऑफर'
एयरलाइन इंडस्ट्री में आमतौर पर HR टीमें खर्चों को लेकर काफी सख्त रहती हैं, लेकिन ऑपरेशनल संकट ने उन्हें घुटनों पर ला दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एयर इंडिया और इंडिगो के कैप्टनों को दूसरी एयरलाइंस से फोन आ रहे है, जिनमें उन्हें 50 लाख रुपये तक के बोनस का ऑफर दिया जा रहा है। बता दें कि इंडिगो ने पहले भी अनुभवी पायलटों को अपने साथ जोड़ने के लिए 15 से 25 लाख रुपये का बोनस दिया था ताकि वे अपनी पुरानी कंपनी का बॉन्ड चुका सकें। अब यह राशि दोगुनी हो चुकी है।
विदेश जा रहे हैं भारतीय पायलट
भारतीय पायलट बेहतर सुविधाओं और वेतन के लिए वियतनाम और मिडिल-ईस्ट की एयरलाइंस का रुख कर रहे हैं। पूर्व कैप्टन शक्ति लुंबा के अनुसार, अगर भारत में काम करने की स्थिति नहीं सुधरी, तो पायलटों का पलायन रोकना मुश्किल होगा। एयर इंडिया फिलहाल अपने भविष्य के विस्तार को देखते हुए भर्ती कर रही है ताकि उसे इंडिगो जैसे मौजूदा संकट का सामना न करना पड़े।
सैलरी और पॉलिसी में बदलाव कर रही एयरलाइंस
पायलटों की नाराजगी दूर करने के लिए दोनों दिग्गज कंपनियों ने अपनी तिजोरी खोल दी है। इंडिगो अगले महीने से भत्तों में बढ़ोतरी कर पायलटों की सैलरी में इजाफा करने का ऐलान किया है। वहीं एयर इंडिया जनवरी के पहले हफ्ते में एक 'बड़ी पॉलिसी' लाने की तैयारी में है, जिससे पायलटों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी जानकारी अभी गुप्त रखी गई हैं।
नए FDTL नियम लागू होने से हुई पायलटों की कमी
सरकार ने पायलटों की थकान कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए FDTL नियमों को सख्त किया है। एक ही फ्लाइट शेड्यूल को चलाने के लिए अब पहले की तुलना में ज्यादा पायलटों की जरूरत है। इंडिगो ने DGCA को भरोसा दिलाया है कि वह केवल जनवरी महीने में ही करीब 100 नए पायलटों की भर्ती करेगी ताकि उड़ानों में देरी या कैंसिलेशन की समस्या दोबारा न हो।