पुतिन ने भारत को दिया बड़ा ऑफर, भारत के साथ 5th जनरेशन फाइटर जेट बनाएगा रूस

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि भारत पर प्रतिबंधों या दबाव के जरिए असर डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपनी नीतियां हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है और किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेता

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 8:45 AM
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को सुखोई SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट को लेकर बड़ा ऑफर दिया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को सुखोई SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट को लेकर बड़ा ऑफर दिया है। उन्होंने कहा है कि रूस, भारत के साथ मिलकर इस फाइटर जेट को डेवलप और प्रोडक्शन करने के लिए तैयार है। साथ ही रूस जरूरी रक्षा तकनीकें साझा करने के लिए भी तैयार है। वहीं पुतिन ने भारत के साथ मॉस्को के समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों की सराहना की। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि भारत-रूस संबंधों को कमजोर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पश्चिमी देशों का दबाव वैश्विक स्थिरता के लिए नुकसानदायक होगा।

पीएम मोदी को लेकर कही ये बात

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि भारत पर प्रतिबंधों या दबाव के जरिए असर डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपनी नीतियां हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है और किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेता। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान इंडिया टुडे की पत्रकार गीता मोहन के सवाल का जवाब देते हुए पुतिन ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली ने हमेशा अपने हितों के आधार पर फैसले लिए हैं और रूस के साथ संबंधों को लेकर भी उसका यही रुख बना रहेगा।


पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पर किसी तरह के प्रतिबंध या दबाव की धमकी का उल्टा असर हो सकता है। उनके अनुसार, भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है और अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखता है।

Su-57 फाइटर जेट पर खास ऑफर 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस ने पहले भारत को Su-57 फाइटर जेट के विकास में साझेदारी का प्रस्ताव दिया था। हालांकि दोनों देशों के बीच यह सहयोग आगे नहीं बढ़ सका, जिसके बाद रूस ने इस लड़ाकू विमान को अपने दम पर विकसित किया। पुतिन ने Su-57 की तारीफ करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे आधुनिक और उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है। उन्होंने कहा कि रूस ने भारत के साथ मिलकर इस परियोजना पर काम करने का सुझाव दिया था, लेकिन जब बात नहीं बन पाई तो रूस ने इसे खुद पूरा किया। अब रूस इस विमान को बेचने के लिए भी तैयार है।

रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, Su-57 बेहद आधुनिक तकनीक से लैस लड़ाकू विमान है और यह कई तरह की भूमिकाएं निभाने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि इस विमान का इस्तेमाल लड़ाकू अभियानों के साथ-साथ कमांड और कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण सैन्य कार्यों के लिए भी किया जा सकता है। पुतिन ने कहा कि Su-57 वर्तमान में दुनिया के सबसे उन्नत फाइटर जेट्स में गिना जाता है और इसकी क्षमताएं इसे कई अन्य आधुनिक लड़ाकू विमानों से अलग बनाती हैं।

भारत-रूस रक्षा संबंधों पर पुतिन का बयान

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग सिर्फ हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रूस के संबंध बेहद खास हैं, क्योंकि दोनों देश केवल व्यापारिक फायदे को ध्यान में रखकर काम नहीं करते। दोनों के बीच गहरा भरोसा है, जो रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाता है। पुतिन के अनुसार, भारत और रूस के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत आपसी विश्वास है। यही वजह है कि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से एक-दूसरे के करीबी साझेदार बने हुए हैं।

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