Sonam Wangchuk: 23 दिन से भूख हड़ताल...कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? सफदरजंग अस्पताल ने दिया हेल्थ अपडेट

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक युवा प्रतिनिधियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें खुद अस्पताल से जाकर मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी जाती। फिलहाल सोनम वांगचुक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती हैं

अपडेटेड Jul 20, 2026 पर 10:48 PM
राजधानी दिल्ली में सोमवार 20 जुलाई को खूब गहमा-गहमी दिखी।

राजधानी दिल्ली में सोमवार 20 जुलाई को खूब गहमा-गहमी दिखी। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ अभियान में काफी कुछ देखने को मिला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। वहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अब अस्पताल में भर्ती हैं। उनके हेल्थ को लेकर अस्पताल से बड़ी जानकारी दी है।

बता दें कि, सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक युवा प्रतिनिधियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें खुद अस्पताल से जाकर मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी जाती। फिलहाल सोनम वांगचुक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके ब्लड शुगर स्तर को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। अस्पताल की ओर से बताया गया है कि उन्हें शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और पोटैशियम सिरप दिया जा रहा है।

डॉक्टरों की टीम लगातार कर रही निगरानी


सोमवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि सोनम वांगचुक का इलाज वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल के अनुसार, उनकी जरूरी स्वास्थ्य जांच के सभी प्रमुख संकेत फिलहाल स्थिर हैं। अस्पताल ने कहा कि उनका ब्लड शुगर स्तर अभी भी कम है। हालांकि, ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और पोटैशियम सिरप दिए जाने के बाद खून से जुड़े दूसरे जांच परिणामों में सुधार देखा गया है।

बुलेटिन के मुताबिक, वीएमएमसी, सफदरजंग अस्पताल और एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से पूरी तरह उबरने और किसी भी संभावित परेशानी का समय रहते पता लगाने के लिए लगातार चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है। अस्पताल ने यह भी बताया कि आगे का इलाज उनकी सेहत में होने वाले सुधार और लैब जांच की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।

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