केरल में तेजी से फैल रही शिगेला बीमारी, मासूम की मौत के बाद दहशत...लोगों को अलर्ट रहने की सलाह

shigella infection : वहीं दो अन्य बच्चों में भी शिगेला संक्रमण पाया गया है। इनमें से 10 साल के एक बच्चे का इलाज पूरा होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, दो साल का दूसरा बच्चा अभी डॉक्टरों की निगरानी में है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 5:07 PM
केरल में शिगेला इंफेक्शन का खतरा देखा जा रहा है। ( प्रतिकात्म फोटो )

केरल बीते कुछ वर्षों में देश का सबसे ज्यादा संक्रामक रोगों से प्रभावित राज्य रहा है। वहीं अब केरल में एक नई मुसीबत सिर उठाती दिख रही है। केरल में शिगेला इंफेक्शन का खतरा देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल में शिगेला इंफेक्शन के एक मामले में एक बच्चे की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य बच्चों में भी इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा जांच और सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को और सख्त कर दिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कोझिकोड जिले की चार साल की बच्ची नीला की इस बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के कारण मौत हो गई।

एक बच्चे की हुई मौत 

वहीं दो अन्य बच्चों में भी शिगेला संक्रमण पाया गया है। इनमें से 10 साल के एक बच्चे का इलाज पूरा होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, दो साल का दूसरा बच्चा अभी डॉक्टरों की निगरानी में है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।


अलर्ट मोड में आया स्वास्थ्य विभाग

इन मामलों के सामने आने के बाद केरल सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को रेस्तरां, होटल और अन्य खाने-पीने की दुकानों की सख्त जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है। शिगेला एक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो आंतों को प्रभावित करता है। यह बीमारी आमतौर पर दूषित भोजन, गंदे पानी या खराब स्वच्छता के कारण फैलती है। शिगेलोसिस नाम की यह बीमारी तेजी से फैल सकती है और इसका असर खासतौर पर छोटे बच्चों पर अधिक देखा जाता है।

ये है इस बीमारी के लक्षण

शिगेला संक्रमण के सामान्य लक्षणों में बुखार, दस्त, पेट दर्द और पेट में ऐंठन शामिल हैं। कुछ मामलों में मरीज के मल के साथ खून भी आ सकता है। अगर संक्रमण गंभीर हो जाए, तो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसका खतरा खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) वाले लोगों में अधिक होता है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

लोगों को अलर्ट रहने की सलाह 

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने नियमित रूप से हाथ धोने, साफ और सुरक्षित पानी पीने तथा स्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन ही खाने की सलाह दी है। स्वास्थ्य अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संक्रमण के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं, ताकि बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके। हाल ही में सामने आए मामलों के बाद खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में जांच अभियान तेज कर रही है और लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी अभियान भी चला रही है।

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