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शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच चले लात-घूंसे को लेकर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर बर्खास्त; जांच कमेटी ने दोनों को माना कसूरवार

Shima Hospital Brawl: यह पूरी घटना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। अस्पताल के बिस्तर पर लेटे मरीज और सफेद कोट पहने डॉक्टर के बीच गाली-गलौज और लात-घूंसे चले। जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया है कि अस्पताल में इस बेहद शर्मसार करने देने वाले वाकये के लिए न केवल डॉक्टर, बल्कि मरीज भी बराबर का जिम्मेदार था

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 1:56 PM
शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच चले लात-घूंसे को लेकर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर बर्खास्त; जांच कमेटी ने दोनों को माना कसूरवार
बीते सोमवार को इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ था

Shimla: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल, आईजीएमसी (IGMC) शिमला में मरीज को मुक्का मारने वाले डॉक्टर पर बड़ी गाज गिरी है। सोमवार को पल्मोनरी वार्ड में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और मारपीट के बाद, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया है कि अस्पताल में इस बेहद शर्मसार करने देने वाले वाकये के लिए न केवल डॉक्टर, बल्कि मरीज भी बराबर का जिम्मेदार था।

कैसे शुरू हुआ था विवाद?

यह पूरी घटना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। अस्पताल के बिस्तर पर लेटे मरीज और सफेद कोट पहने डॉक्टर के बीच गाली-गलौज और लात-घूंसे चले। दरअसल शिमला की एक प्राइवेट एकेडमी में पढ़ाने वाले अर्जुन सिंह ब्रोंकोस्कोपी के लिए अस्पताल आए थे। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें सम्मान देने के बजाय 'तू' कहकर संबोधित किया। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो डॉक्टर भड़क गए।दूसरी ओर, डॉ. राघव नरूला का कहना है कि मरीज ने पहले उनके और उनके परिवार के लिए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे बात हाथापाई तक पहुंच गई। उनके मुताबिक, वायरल वीडियो में पूरी सच्चाई नहीं दिखाई गई है।

जांच कमेटी ने दोनों की बताया दोषी

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