Students Protest in Patna: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। हजारों की संख्या में छात्र और छात्राएं STET (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) को आयोजित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पटना विश्वविद्यालय और भिखना पहाड़ी से शुरू हुए इस प्रदर्शन में छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक STET परीक्षा नहीं होती, तब तक TRE-4 (चौथे चरण की शिक्षक भर्ती) की प्रक्रिया शुरू करना उनके साथ एक बड़ा छलावा है।
क्या है छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सरकार पिछले डेढ़ साल से एसटीईटी परीक्षा नहीं करा रही है। इस देरी के कारण लगभग 5 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 2023-24 के बैच के छात्र शामिल हैं जिन्हें अब तक पात्रता का मौका नहीं मिला है। छात्रों का कहना है कि वे सरकार से नौकरी नहीं, बल्कि केवल पात्रता का मौका मांग रहे हैं, ताकि उन्हें भविष्य की भर्तियों में शामिल होने का अवसर मिल सके।प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में तख्तियां ली थीं जिन पर लिखा था: 'STET नहीं तो वोट नहीं, सरकार जवाब दो', और 'हमें मौका दो'।
इसके साथ ही छात्रों ने शिक्षा विभाग में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार युवाओं को छल रही है। एक छात्र ने सवाल किया, 'जब सरकार ने डोमिसाइल नीति लागू कर दी है, तो एसटीईटी परीक्षा में देरी क्यों हो रही है?'
आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन है मुस्तैद
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी छात्र भिखना पहाड़ी से गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा होते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे हैं। इस मार्च के कारण पटना के कई इलाकों में भारी जाम लग गया है। स्थिति को देखते हुए, पटना पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी डोमिसाइल नीति को लेकर हुए छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को उसे लेकर फैसला लेना पड़ा। बीते दिनों बिहार सरकार ने शिक्षक बहाली TRE-4 और TRE-5 में 85% आरक्षण की मंजूरी दे दी। अब छात्रों को उम्मीद है कि STET को लेकर भी सरकार उनकी मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय लेगी।