Rising Bharat Summit 2025: न्यूज 18 के 'राइजिंग भारत समिट 2025' में वक्फ कानून पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी के बीच तीखी बहस देखने को मिला। हाल ही में संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम पर चर्चा के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार (9 अप्रैल) को कहा कि जिस प्रकार का प्रावधान हमारे यहां है वैसा दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश के कानून में नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहें इस्लाम की जन्मस्थली सऊदी अरब हो या इंडोनेशिया या फिर सीरिया-इराक... किसी भी देश में भारत जैसा शानदार वक्फ कानून नहीं है।
उन्होंने शिवसेना प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी पर तंज कसते हुए कहा, 'हमारे यहां हिंदी में एक कहावत है नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है, लेकिन यहां तो गैर-मुल्ला ज्यादा ज्याद खाता है।" बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने न्यूज18 इंडिया के एंकर अमिश देवगन से बात करते हुए आजादी के बाद भी भारत में सड़कों के नाम मुगल सम्राटों के नाम पर रखे जाने पर चिंता जताई।
उन्होंने सवाल किया कि लगातार सरकारें विदेशी शासकों का सम्मान क्यों करती रहीं। बीजेपी सांसद पर पलटवार करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "कौन गैर मुल्ला, कौन हिंदू, कौन मुसलमान...उसका सर्टिफिकेट भारतीय जनता पार्टी नहीं देगी। भारतीय जनता पार्टी हिंदू की ठेकेदार नहीं है। न ही थी और न ही रहेगी...आप यह नहीं बताएंगे कि कौन सी हिंदू पार्टी है और कौन सी हिंदू पार्टी नहीं है...किसने आपको ये ठेकेदारी दी है...कोई ठेका चला रहे हैं आप?"
इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है। डिबेट के दौरान पैनल में शामिल कांग्रेस के इमरान मसूद ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक एकजुट है। कांग्रेस वर्तमान में राज्य में राजनीतिक परिदृश्य का आकलन कर रही है। यूपी चुनाव को लेकर मसूद ने कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन समीकरण पर सवालों का जवाब देते हुए उचित समय पर गठबंधन बनाने का फैसला करेगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम सामाजिक न्याय की दिशा में उनकी सरकार का एक और ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि वक्फ पर पूर्ववर्ती कानून 2013 में भू-माफियाओं और मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए बनाया गया था। न्यूज18 के राइजिंग भारत समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर हुई चर्चा में तुष्टीकरण की राजनीति देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि 1947 में देश के विभाजन के पीछे भी इसी तरह का रवैया था, जब कांग्रेस के कुछ नेताओं ने 'कट्टरपंथी' विचार को बढ़ावा दिया। हालांकि आम मुसलमान इस विचार से सहमत नहीं थे। प्रधानमंत्री ने शाहबानो मामले का संदर्भ देते हुए कहा कि आम मुसलमानों और उनमें से गरीब व पिछड़े लोगों को केवल उपेक्षा, अशिक्षा और बेरोजगारी मिली। जबकि कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की बलि दी गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में UPA सरकार द्वारा लागू किए गए वक्फ अधिनियम से यह भ्रम पैदा हुआ कि यह कानून संविधान से ऊपर है। उन्होंने केरल में चर्च की संपत्तियों, हरियाणा में गुरुद्वारे की संपत्तियों और कर्नाटक में किसानों की जमीन के अलावा सरकारी संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड के कथित दावों का हवाला दिया। पीएम मोदी ने कहा कि संशोधित अधिनियम समाज और मुस्लिम समुदाय के हित में है।
प्रधानमंत्री ने संसद को इस शानदार कानून को पारित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास में दूसरी सबसे लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस वर्ष के पहले 100 दिनों में अपनी नीतियों के साथ संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत न तो झुकने वाला है और न ही रुकने वाला है।
उन्होंने कहा कि तीव्र विकास के लिए शांति, स्थिरता और सुरक्षा बहुत आवश्यक है तथा उनकी सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद पर अंकुश लगाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जम्मू कश्मीर में मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता दिखाई है।