Unnao Case: कुलदीप सेंगर ने खटखटाया SC का दरवाजा, इस मामले में की जमानत की अपील

Kuldeep Sengar : हाल ही में इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जनवरी को सेंगर की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया। सेंगर ने ट्रायल में देरी को आधार बनाकर सजा रोकने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि देरी का एक कारण खुद सेंगर द्वारा दायर की गई कई याचिकाएं भी थीं। अब सेंगर ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है

अपडेटेड Feb 08, 2026 पर 6:32 PM
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कुलदीप सिंह सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

उन्नाव दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित की पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में दायर उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख तय की है। अब सुप्रीम कोर्ट में इसकी अगली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

क्या है मामला?

रेप के दोषी और बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़े मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 13 मार्च 2020 को सेंगर को 10 साल की सख्त कैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था कि एक परिवार के “इकलौते कमाने वाले” की मौत के मामले में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।


हाल ही में इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जनवरी को सेंगर की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया। सेंगर ने ट्रायल में देरी को आधार बनाकर सजा रोकने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि देरी का एक कारण खुद सेंगर द्वारा दायर की गई कई याचिकाएं भी थीं। अब सेंगर ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

अब तक का मामला

ट्रायल कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को हत्या का दोषी नहीं माना, लेकिन उसे गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि मारने का सीधा इरादा साबित नहीं हुआ, फिर भी उसे इस अपराध के लिए अधिकतम सज़ा दी गई। दिसंबर 2019 में मुख्य रेप मामले में सेंगर को दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। पिता की मौत से जुड़े मामले की अपील भी वहीं लंबित है।

23 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट ने रेप मामले में सेंगर की सज़ा को तब तक के लिए निलंबित कर दिया था, जब तक उनकी अपील पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता। हालांकि, 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

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