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यूपी के ठेकों पर बिकनी वाली फ्रूटी की कहानी जिसपर खफा हो गया सुप्रीम कोर्ट

याचिका में अदालत से मांग की गई है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक समान नीति बनाए, ताकि इस तरह की पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। याचिका में यह मांग भी की गई है कि “बोतलबंदी” की एक साफ और तय परिभाषा बनाई जाए। इसमें कहा गया है कि शराब सिर्फ कांच की बोतलों या ऐसे कंटेनरों में ही बेची जाए, जिन्हें आसानी से पहचाना जा सके

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड May 21, 2026 पर 4:37 PM
यूपी के ठेकों पर बिकनी वाली फ्रूटी की कहानी जिसपर खफा हो गया सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार समेत कई पक्षों को नोटिस जारी किया है।

उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में शराब की बिक्री और पैकेजिंग को लेकर एक अहम जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई की। सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार समेत कई पक्षों को नोटिस जारी भी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से इस याचिका को लेकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के दौरान यह जवाब मांगा गया और साथ ही इस पर सुनवाई के लिए सहमति भी जताई।

 कोर्ट ने पैकेजिंग को लेकर जताई नाराजगी

अदालत ने कहा कि इस तरह की पैकेजिंग लोगों को भ्रमित कर सकती है और कम उम्र में शराब पीने की आदत को बढ़ावा दे सकती है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और कई राज्यों के आबकारी विभागों को नोटिस जारी किया है। यह याचिका ‘कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग’ नाम की एक गैर-लाभकारी संस्था ने दायर की है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “यह बहुत भ्रामक है। नोटिस जारी किया जाता है।”

नियमों को किया अनदेखा

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