'लव जिहाद में फंसा रहे अवैध घुसपैठिए', बांग्लादेशी घुसपैठ मुद्दे पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को घेरा

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "बांग्लादेश से दो तरह के लोग पश्चिम बंगाल आए हैं। हिंदू अपना धर्म बचाने आए हैं, वे घुसपैठिए नहीं हैं। वे रिफ्यूजी हैं। उन्होंने इस्लाम नहीं अपनाया है। वे अपना धर्म बचाने आए हैं। वे रिफ्यूजी के तौर पर आए हैं और जो लोग बांग्लादेश से गैर-कानूनी तरीके से यहां घुसे हैं, वे मेरी मां, बहनों, बेटियों को लव जिहाद के जाल में फंसा रहे हैं

अपडेटेड Feb 20, 2026 पर 10:52 PM
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suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही राज्य की राजनीति और गरमा गई है।

बंगाल चुनाव से पहले राज्य में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। इसी बीच शुक्रवार (20 फरवरी) को विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने SIR और वोटर लिस्ट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी सिर्फ एक ही मांग है कि पश्चिम बंगाल को एक बिना गलती वाली वोटर लिस्ट मिले। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "हमें एक बिना गलती वाली वोटर लिस्ट चाहिए। मैंने पहले दिन कहा था और आज भी कहता हूं। SIR कोई नई बात नहीं है। यह एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है। SIR पहले आठ बार हो चुका है। यह नौवीं बार है।" साथ ही उन्होंने साफ किया कि वोटर लिस्ट में चार तरह के नाम किसी भी हाल में नहीं होने चाहिए, मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटर, एक ही व्यक्ति का दो या तीन जगह नाम और गैर-भारतीय नागरिकों के नाम।

उन्होंने साफ कहा कि जो लोग भारतीय हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, उन्हें लेकर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जो लोग अवैध तरीके से सीमा पार कर आए हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहने चाहिए। सुवेंदु ने कहा, "बांग्लादेश से दो तरह के लोग पश्चिम बंगाल आए हैं। हिंदू अपना धर्म बचाने आए हैं, वे घुसपैठिए नहीं हैं। वे रिफ्यूजी हैं। उन्होंने इस्लाम नहीं अपनाया है। वे अपना धर्म बचाने आए हैं। वे रिफ्यूजी के तौर पर आए हैं और जो लोग बांग्लादेश से गैर-कानूनी तरीके से यहां घुसे हैं, वे मेरी मां, बहनों, बेटियों को लव जिहाद के जाल में फंसा रहे हैं।" विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया को सही ढंग से लागू नहीं किया गया। बूथ लेवल ऑफिसरों के जरिए लोगों के नाम और सरनेम तक गलत दर्ज किए गए, फिर आम लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा किया गया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जब आज हर चीज ऑनलाइन हो सकती है, तो इस प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से क्यों नहीं किया गया।

वहीं, राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को भत्ते नहीं, बल्कि नौकरी और उद्योग चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं आपको सीधा बंगाली हिसाब बताता हूं रिचार्ज करने में 349 टका लगता है, इस पैसे से कुछ नहीं होता लोगों को नौकरी चाहिए लोगों को इंडस्ट्री चाहिए लोग चाहते हैं कि टाटा वापस आए।" सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पूरी कवायद चुनाव से पहले वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई, तो सबसे पहले वोटर लिस्ट की सफाई की जाएगी। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले SIR को लेकर यह बयानबाज़ी राज्य की राजनीति को और गरमा रही है। एक तरफ सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र से जुड़ा बड़ा मुद्दा बना रहा है। साफ है कि आने वाले दिनों में वोटर लिस्ट और SIR चुनावी बहस का बड़ा केंद्र बनने वाले हैं।

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